यदि आप सावधान नहीं हैं, तो आपका स्मार्टफोन आपको मार सकता है

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Your Smartphone Can Kill You

हमारे साथ क्या गलत हो रहा है? हमारे स्मार्टफ़ोन को ऐसे डिवाइस के रूप में माना जाता है जो हमारे जीवन को समृद्ध करते हैं, दिन के कार्यों को आसान बनाते हैं, और आमतौर पर वे हमारे छोटे डिजिटल फ्रैंड की तरह हैं। इसके बजाय, हम उन उनका उपयोग और दुरुपयोग एक ऐसे पॉइंट पर कर रहे हैं जहां वे साइलेंट किलर में बदल रहे हैं।

इबोला को भूल जाइए, हमारे स्मार्टफ़ोन दुनिया के लिए अगली घातक महामारी बनने के लिए तैयार हैं।

समस्या यह है कि हम अपने फोन को अपने हर काम में शामिल करते हैं, फिर चाहे वह कुछ भी हो, कहाँ और किसी के साथ भी हो। वे चेतावनी संकेत जो हमारे खिलाफ हो सकते हैं वे कुछ समय के लिए दिखाई दे रहे हैं, फिर भी हमने उनपर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

हाल ही में स्‍मार्टफोन का उपयोग राह चलते करते हुए कई दुर्घटनाओं की बाते सामने आ रही हैं और इसके साथ सेल्फी लेने की कोशिश करने हुए कई सारे लोगों की मौत हो रही हैं।

प्राइवेसी और सिक्युरिटी की डरावनी कहानियों के बारे में भूल जाओ, आधुनिक फोन ओनरशिप में वास्तविक जोखिम हमें अपनी सुरक्षा या अपने आसपास के अन्य लोगों की अवहेलना है जब हम इन चीजों का उपयोग करते हैं। यह सिर्फ एक आकस्मिक अवलोकन नहीं है, यह एक चौंकाने वाली अच्छी तरह से प्रलेखित घटना है, और अगर हम अपने तरीके को बदलना शुरू नहीं करते, तो हमारे फोन हम सभी को मार डालने में सक्षम होते जा रहे है।

 

स्‍मार्टफोन की वजह से मरने के एक हजार तरीके

आप प्रमाण चाहते हैं? यहाँ बहुत है, और हालांकि यह निर्दोष रूप से शुरू होता है, लेकिन यह बहुत बुरा हो जाता है।

स्मार्टफोन मालिकों के एक सर्वेक्षण से पता चला कि 86 प्रतिशत लोगों ने अपने फोन का उपयोग करते समय ठोकर, गिरने, या एक खंबे से टकराने के परिणामस्वरूप भारी चोट का सामना किया था। कई डॉक्टर अब कहने लगे हैं कि उनके पास मोबाइल से संबंधित कई चोटों को लेकर आए मरीज देखे हैं। लगभग सभी अनाड़ीपन, या ध्यान की कमी के कारण थे।

कैसे क्लिन करें सही तरीके से अपने सेल फोन को (उसे बरबाद किए बिना)

 

ड्राइविंग करते समय

हममें से लगभग सभी लोग सोचते हैं कि हम काफी अच्छे ड्राइवर हैं जो टेक्स्ट मैसेज भेजने के लिए कुछ सेकंड के लिए सड़क से अपनी आँखें हटा सकते हैं। लेकिन कठोर वास्तविकता हैं कि सड़क पर हर चार कार दुर्घटनाओं में से एक, आज टेक्सटिंग और ड्राइविंग के कारण होती है। इस पर विचार करें: यदि आप 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चला रहे हैं, तो आपको टेक्‍स्‍ट मैसेज भेजने में लगने वाले समय में एक फुटबॉल मैदान की लंबाई कवर होगी। 100 गज की सड़क पर कुछ भी हो सकता है; सुरक्षित यातायात कभी नहीं होती।

एक अध्ययन से पता चला है कि जो महामूर्ख ड्राइविंग करते टेक्‍स्‍ट मैसेज या व्‍हॉटस्ऐप को चेक करते हैं, उनमें से 98 प्रतिशत इनके खतरों से अवगत होते हैं, और उस संख्या का 75 प्रतिशत अभी भी करते हैं। चौंकाने वाले अहंकारी लापरवाही के साथ, वे मानते हैं कि वे “ड्राइविंग करते समय, एक बार में कई काम आसानी से कर सकते हैं।” यह बकवास है, जब तक कि आप गिरगिट की तरह प्रत्येक आंख पर स्वतंत्र नियंत्रण न रखें। आँकड़े दिखाते हैं कि ड्राइवर टेक्स्टिंग करते समय दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना 23 गुना अधिक होती है, और वास्तव में इसके कारण हर साल हजारों लोग मर रहे है। इनमें से कई मामलों में, यह एक पैदल यात्री है जो सबसे खराब स्थिति में आ जाते है।

 

बैटरी ज़्यादा गरम हो सकती है और फट सकती है

 

हां, आपकी जेब में जो छोटा स्मार्टफोन है, वह फटने की क्षमता रखता है- और यह सैमसंग बैटरी विस्फोट करने तक सीमित नहीं है। लिथियम-आयन बैटरी के साथ कोई भी डिवाइस सभी समान जोखिम उठाते हैं।

आधुनिक लीथियम-आयन बैटरियां- आज स्मार्टफोन से लेकर टेस्ला वाहनों तक हर चीज के लिए पसंदीदा रिचार्जेबल बैटरियां – अत्यधिक विस्फोटक होने की क्षमता रखती हैं।

आजकल न्‍यूज़ पेपर में मोबाइल फोन चार्जिंग करते समय फोन पर बात करते हुए बैटरी में विस्फोटक होने की घटना पढ़ने को मिलती हैं। लेकिन क्या लोगों ने अब अपने फोन को चार्जिंग करते समय फोन पर बात करना छोड़ दिया हैं?

क्यों होता हैं स्मार्टफ़ोन बैटरी में विस्फोट और आप इससे कैसे बच सकते हैं?

 

रेडिएशन आपको कैंसर दे सकता है

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, सेल फोन उपयोग और कैंसर के बीच लिंक पर अध्ययन के मिश्रित परिणाम आए हैं। लेकिन कुछ अध्ययनों से एक संभावित लिंक मिल गया है – जैसे कि स्वीडन में एक शोध समूह के अध्ययन से, जहां सिर पर फोन होने पर ट्यूमर के बढ़ने का खतरा होता है। इसलिए मुझे लगता है कि यह कहना सुरक्षित है कि आपका फोन आपको कैंसर देगा और आप इससे मर जाएंगे।

 

चलते समय व्‍हॉटस्ऐप को चेक करने और टेक्‍स्‍ट करने पर आप सीढ़ियों से नीचे (या एक चट्टान से) गिर सकते हैं

लोग अब राह चलते समय भी अपने फोन पर व्‍हॉटस्ऐप को चेक करते और टेक्स्ट करते दिखाई देते हैं। इसमें वे इतना खो जाते हैं की कई बार में वे सीढ़ियों से नीचे गीर जाते हैं, किसी चीज़ से टकरा जाते हैं या गड्ढे में गिर जाते हैं।

 

सेल्फी लेते समय आप मर सकते थे

हम सभी चाहते हैं कि इंस्टाग्राम, फेसबुक या व्‍हॉटस्ऐप के लिए हमारा किलर शॉट शूट हो, और इसी के चक्कर में हममें से कुछ पहाडों के किनारे पर दूसरों की तुलना में आगे चले जाते हैं, जहां से वे गिर जाते हैं। सेल्फी का क्रेज नाटकीय रूप से बढ़ा है क्योंकि कैमरा फोन ज्यादा से ज्यादा निपुण हो गए हैं। दुर्भाग्य से, सेल्फी लेते समय कॉमन सेंस की लेवल इसके साथ नहीं बढ़ी है।

एक तस्वीर के लिए पोज़ देते हुए माथेरान, महाबलेश्‍वर और अन्य हिल स्टेशन से गिरकर मर जाने की खबरें हमेशा आती है।

 

आप इसे बाथटब में गिरा सकते हैं

आप जानते हैं कि आपको हमेशा बताया जाता हैं की पानी से भरे टब के पास हेयर ड्रायर का इस्तेमाल न करें? वही अन्य प्लग-इन इलेक्ट्रिक चीजों के लिए भी लागू होता है, जैसे की स्मार्टफोन। कुछ लोगों की बाथटब में चार्जिंग पर लगे आईफोन गिरने से मौत हुई हैं।

 

सड़क या रेलवे ट्रैक पार करते समय

पर्याप्त रूप से इस बात पर जोर नहीं दिया जा सकता है कि सार्वजनिक रूप से अपने मोबाइल फोन का उपयोग करते समय अपने चारों ओर के बारे में पता होना कितना महत्वपूर्ण है, खासकर यदि आप ट्रैफिक में पैदल चल रहे हैं। लोग इसके जोखिमों के बारे में अंजान हैं ऐसा नहीं हैं, फिर भी हम हर दिन अपने फोन पर नीचे देखते हुए चलने वाले लोगों के पास से गुजरते हैं।

इसी के साथ अपने फोन पर बात करते हुए रोड क्रॉस करने वाले लोग तो अब आम हो गए हैं। वे अक्सर महसूस नहीं करते हैं कि वे एक भयानक दुर्घटना के शिकार होने के कितने करीब आते हैं।

मुंबई में लोकल दुर्घटना में होने वाली मौतों में बहुत सारी रेलवे ट्रैक को क्रॉस करते समय होती हैं और इनमें अब अपने कान में हेडफोन लगाकर क्रॉसींग करने वाले लोग भी शामिल हो गए हैं।

 

स्‍मार्टफोन पर खेले जाने वाले गेम आपको आत्महत्या के लिए मजबूर कर सकते हैं

क्या अपने स्‍मार्टफोन पर गेम खेलने से भी मौत हो सकती हैं? यह सवाल मूर्खता से भरा हैं। क्या आपने ब्लू व्हेल के बारे में नहीं सुना हैं जिसके कारण कई युवाओं ने सुसाइड कर ली?

 

सोशल मीडिया भी मौत के जिम्मेदार हो सकता हैं

सोशल मीडिया आज कई युवाओं के लिए जीवन का प्रमुख हिस्सा बन गया है। ज्यादातर लोग सोशल मीडिया पर लगे रहते हैं, बिना यह सोचे की हमारे जीवन पर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा हैं, सकारात्मक या नकारात्मक।

आजकल बहुत सारे युवा अपने आभासी दुनिया में रहने लगे हैं। वे फेसबुक, इंस्‍टाग्राम और व्‍हाटस्पर में ही जिते हैं और यहीं उनकी दुनिया हैं।

सोशल मीडिया पर मिले निगेटिव फिडबैक और भेदभाव ने पूरे देश में आत्महत्याओं में वृद्धि करने में योगदान दिया है।

सोशल मीडिया से नकारात्मकता मिलने से डिप्रेशन हो सकता है और इस तरह आत्महत्या हो सकती है।

Your Smartphone Can Kill You.

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