Homeसवाल आईटी के..UPS in Hindi: UPS क्‍या हैं और यह कैसे काम करता हैं?

UPS in Hindi: UPS क्‍या हैं और यह कैसे काम करता हैं?

UPS Full Form in Hindi – UPS in Hindi

UPS Meaning in Hindi

सोर्स विफल हो जाता है या वोल्टेज अस्वीकार्य स्तर तक गिर जाता है तो बैकअप पावर प्रदान करता है।

एक UPS कंप्यूटर और जुड़े उपकरणों के सुरक्षित, व्यवस्थित शटडाउन की अनुमति देता है। UPS का आकार और डिजाइन यह निर्धारित करता है कि यह कब तक बिजली की आपूर्ति करेगा।

तो आइए UPS के बारे में अधिक जानने के लिए आगे पढ़ते रहे-

UPS Full Form:

Full Form of UPS is – Uninterruptible Power Supply

Full Form UPS In Hindi

Full Form UPS In Hindi – UPS Ka Full Form – UPS का फूल फॉर्म हैं – Uninterruptible Power Supply – अबाधित विद्युत आपूर्ति

यूपीएस क्या होता है (What is UPS in Hindi)

UPS in Hindi

दोस्तों, यूपीएस, जिसे बैटरी बैकअप के रूप में भी जाना जाता है, बैकअप पावर प्रदान करता है जब आपका रेग्‍युलर पॉवर सोर्स विफल हो जाता है या अस्वीकार्य स्तर तक वोल्टेज गिरता है। एक यूपीएस कंप्यूटर और जुड़े उपकरणों के सुरक्षित, क्रमबद्ध शट डाउन के लिए अनुमति देता है। यूपीएस का आकार और डिजाइन यह निर्धारित करता है कि यह कब तक बिजली की आपूर्ति करेगा। लेकिन इसके बारे में जानने के लिए केवल इतना ही नहीं हैं।

UPS Definition in Hindi

UPS एक हार्डवेयर डिवाइस है जो पावर आउटेज (ब्लैकआउट), ब्राउनआउट, या पावर में बढ़ोतरी के मामले में बैकअप पावर सोर्स प्रदान करता है।

UPS का मतलब क्या हैं? (UPS Meaning in Hindi)

Uninterruptible Power Supply Meaning in Hindi

Meaning of UPS in Hindi

UPS Meaning in Hindi – UPS का मतलब – Uninterruptible Power Supply हैं, इसे Battery Backup के रूप में भी जाना जाता है।

एक Uninterruptible Power Source (UPS) को विद्युत उपकरण के एक टुकड़े के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे मुख्य इनपुट पावर स्रोत में विफलता होने पर कनेक्टेड लोड के लिए तत्काल पावर स्रोत के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

UPS में, पॉवर को आमतौर पर फ्लाईव्हील, बैटरी या सुपर कैपेसिटर में स्‍टोर किया जाता है। अन्य तत्काल बिजली आपूर्ति प्रणाली की तुलना में, UPS को इनपुट पावर रुकावटों के खिलाफ तत्काल सुरक्षा का लाभ मिलता है।

इसका ऑन-बैटरी रन टाइम बहुत कम है; हालांकि यह समय कनेक्टेड डिवाइसेस (कंप्यूटर, टेलीकम्यूनिकेशन डिवाइसेस आदि) को सुरक्षित रूप से बंद करने या स्टैंडबाय पावर स्रोत पर स्विच करने के लिए पर्याप्त है।

UPS का उपयोग कुछ हार्डवेयर के लिए एक सुरक्षात्मक उपकरण के रूप में किया जा सकता है जो अचानक पॉवर डिस्टर्ब के साथ गंभीर क्षति या हानि का कारण बन सकता है।

अनइंटरप्टिबल पावर सोर्स, बैटरी बैकअप और फ्लाईव्हील बैक अप ऐसे अन्य नाम हैं जिनका उपयोग अक्सर UPS के लिए किया जाता है। UPS यूनिट का उपलब्ध आकार 200 VA से होता है जिसका उपयोग सिंगल कंप्यूटर के लिए 46 MVA तक की कई बड़ी यूनिट के लिए किया जाता है।

यूपीएस क्या है इन हिंदी? (UPS Kya Hai In Hindi)

UPS in Hindi

What is UPS in Hindi: यूपीएस क्या है इन हिंदी?

आम तौर पर UPS पावर एक पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) को मुख्‍य पावर फेल होने के बाद कुछ मिनट तक ऑन रखता हैं, जिससे आप अपने डेटा को सेव कर सकते हैं और कंप्यूटर को सही तरीके से शट डाउन कर सकते हैं।

कई uninterruptible पावर सप्‍लाइर अब एक सॉफ्टवेयर कंपोनेंट ऑफर करते है जिससे जब आप कंप्यूटर से दूर होते हैं, तब पॉवर फेल होने पर आटोमेटिक बैकअप और शट डाउन प्रोसेस को एनेबल कर सकते हैं।

कई मामलों में, मुख्‍य कंप्‍यूटर या मॉनिटर में ही UPS शामिल होते हैं, लेकिन यूपीएस कि साइज के आधार पर, अन्य डिवाइसों को यूपीएस में बैकअप पावर के लिए भी प्लग किया जा सकता है।

जब मुख्‍य पावर चली जाती है तो बैकअप के रूप में कार्य करने के साथ ही, अधिकांश बैटरी बैकअप डिवाइस “कंडीशनर” के रूप में भी कार्य करते हैं जो यह सुनिश्चित करते हैं कि आपके कंप्यूटर और एक्सेसरीज़ को मिलने वाली पावर ड्रॉप या सर्जेस से मुक्त हो।

यदि कंप्यूटर को लगातार पावर सप्‍लाई नहीं मिल रहा है, तो अक्सर नुकसान हो सकता है। यूपीएस को आमतौर पर कंप्यूटर, डेटा सेटर्स, कम्‍युनिकेशन इक्विपमेंटस् या अन्य इलेट्रिकल डिवाइसेस जहां अप्रत्याशित पावर डिस्रप्शन से नुकसान या डेटा लॉस हो सकता हैं, इस्‍तेमाल किए जाते हैं।

जबकि एक UPS सिस्टम आपके कंप्यूटर सिस्टम का एक आवश्यक भाग नहीं है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने कि सलाह हमेशा ही दी जाती हैं।

बैटरी बैकअप, मुख्‍य पावर (दीवार आउटलेट से पावर) और कंप्यूटर के बीच होते  है। दूसरे शब्दों में, कंप्यूटर और अन्य ऐक्सेसरीज़ बैटरी बैकअप में प्‍लग होते हैं और बैटरी बैकअप दीवार के प्लग में प्लग इन होते हैं।

UPS डिवाइस कई साइज़ और शेप्‍स में आते हैं, लेकिन आमतौर पर यह आयताकार और फ्रीस्टैंडिंग स्‍टाइल के होते हैं, जिसका उद्देश्य कंप्यूटर के पास फर्श पर रखना है। अंदर स्थित बैटरी की वजह से सभी बैटरी बैकअप बहुत भारी होते हैं।

UPS के अंदर एक या अधिक बैटरीज, उनसे कनेक्‍ट डिवाइसेस को पावर प्रोवाइड करते हैं, जब मुख्‍य आउटलेट कि पावर उपलब्ध नहीं होती। यह बैटरीज़ रिचार्जेबल और अक्सर बदली जा सकती है, जो आपके कंप्यूटर सिस्टम के लिए दीर्घकालिक समाधान प्रदान करती है।

UPS के सामने आमतौर पर डिवाइस को ऑन और ऑफ करने के लिए एक पावर स्विच होता है। बड़े UPS में एक या एक से अधिक अतिरिक्त बटन होते हैं या टच पैनल भी होता हैं, जो विभिन्न टास्‍क को डिस्‍प्‍ले करते हैं। कुछ हाई एंड UPS में अक्सर LCD स्क्रीन भी होती हैं जो बैटरी कितनी चार्ज हुई हैं, कितने पावर का उपयोग किया गया हैं आदि इनफॉर्मेशन को डिस्‍प्‍ले करती हैं।

UPS के पीछे बैटरी बैकअप प्रोवाइड करने वाले एक या अधिक आउटलेट्स की सुविधा होगी। इसके अलावा, कई बैटरी बैकअप डिवाइसेस में अतिरिक्त आउटलेट में surge protection फीचर भी शामिल होता हैं और कभी-कभी नेटवर्क कनेक्शन के साथ-साथ फोन और केबल लाइनों के लिए प्रोटेक्‍शन होता हैं।

UPS बैकअप क्षमता की अलग-अलग डिग्री के साथ मैन्युफैक्चर्ड होते हैं। यह निर्धारित करने के लिए कि आपको कितने पावर के यूपीएस कि आवश्यकता है, सबसे पहले, आपके कंप्यूटर के लिए जरूरी Watt को चेक करने के लिए एक्सट्रीम पावर सप्लाइ कैलकुलेटर का उपयोग करें। इसके साथ ही अन्य डिवाइसेस के Watt को चेक कर उनकी कुल संख्या को लें और आपको कितने समय का बैकअप चाहिए यह जानने के लिए यूपीएस मैन्युफैक्चरर से संपर्क करें।

आमतौर पर घर के डेस्‍कटॉप कंप्‍यूटर को 10-20 मिनट के पावर बैकअप के लिए 600V का UPS पर्याप्त होता हैं।

UPS की प्रमुख भूमिकाएं (Major Roles of a UPS in Hindi)

जब मुख्य पॉवर सोर्स में कोई खराबी आती है, तो UPS थोड़े समय के लिए बिजली की आपूर्ति करेगा। यह UPS की प्रमुख भूमिका है। इसके अलावा, यह यूटिलिटी सेवाओं से संबंधित कुछ सामान्य बिजली समस्याओं को अलग-अलग डिग्री में ठीक करने में भी सक्षम हो सकता है।

जिन समस्याओं को ठीक किया जा सकता है वे हैं वोल्टेज स्पाइक (वोल्टेज से अधिक), नॉइस, इनपुट वोल्टेज में त्वरित कमी, हार्मोनिक डिस्टॉरशन और मुख्य में फ्रीक्वेंसी की अस्थिरता।

UPS क्यों आवश्यक हैं?

इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर बेस डिवाइसेस के डेवलपेंट के साथ-साथ सेसेटिव इनलेक्‍ट्रॉनिक इक्विपमेंट जैसे पर्सनल कंप्‍यूटर, सुपर कंप्‍यूटर, डेटा प्रोसेसर, डिजिटल कंट्रोलर इत्यादि का उपयोग बढ़ता गया। इस तरह के डिवाइसेस को इंटरप्शन फ्री पावर सप्‍लाई कि आवश्यकता होती हैं, क्योंकि यह डिवाइसेस Memory और Processor के साथ डेटा को हैंडल करते हैं।

जैसा कि हम जानते हैं कि ये डिवाइस करप्‍ट पावर सप्‍लाई के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप शट डाउन करने के बजाय पावर प्लग को निकालकर सीधे अपने पर्सनल कंप्यूटर को बंद करते हैं, तो आप अपना डेटा खो देंगे और कभी-कभी आपके कंप्यूटर कि ऑपरेटिंग सिस्टम करप्‍ट हो सकती है। इसलिए बड़े पैमाने पर उद्योगों में बड़े डेटा कि सुरक्षा के लिए इन डिवाइसेस को इन्टरप्शन फ्री पावर सप्‍लाई प्रदान करना आवश्यक है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए UPS का उपयोग किया जाता है।

यूपीएस एप्लीकेशन (UPS Applications)

यूपीएस के एप्लीकेशन में शामिल हैं:

  • डेटा सेंटर
  • इंडस्ट्रीज
  • टेलीकम्यूनिकेशन
  • अस्पताल
  • बैंक और बीमा
  • कुछ विशेष प्रोजेक्‍ट (घटनाएँ)

यूपीएस में कितने भाग होते हैं?

Parts Of UPS in Hindi

मुख्य रूप से UPS में निम्नलिखित एलिमेंट होते हैं, जो ब्लॉक डाइग्राम में दिखाए गए हैं:

  1. Rectifier (Battery Charger )
  2. Battery
  3. Inverter
  4. Static Switch or Contactor

Rectifier:

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि rectifier का मुख्‍य फंक्‍शन AC को DC में कन्‍वर्ट करना हैं। इसे बैटरी चार्ज करने के लिए इस्‍तेमाल किया जाता हैं और यह इन्‍वर्टर सर्किट में फिड़ होता हैं। इसका आउटपूट, लोड की आवश्यकता पर निर्भर करता है।

Battery:

बैटरी एनर्जी स्‍टोर करती हैं, जिसका इस्‍तेमाल मुख्‍य पावर फेल होने पर भविष्‍य के उपयोग के लिए किया जाता हैं। यह बैटरी लीड एसिड या आवश्यकता के अनुसार किसी अन्य प्रकार की हो सकती है।

Inverter:

यह rectifier प्रोसेस के उलट करता हैं। यह लोड के उपयोग के लिए आनेवाले DC सप्‍लाई को AC में कन्‍वर्ट करता हैं। इन्‍वर्टर का आउटपूट साइनवेव होता हैं। यह D.C. को constant frequency और amplitude के A.C में कन्‍वर्ट करता हैं।

Static Switch or Transfer Switch:

पावर के सोर्स को ट्रांसफर करने के लिए एक स्‍टैटिक स्विच या ट्रांसफर स्विच की आवश्यकता होती है। इस ऑपरेशन का समय बहुत फास्‍ट होता हैं। आम तौर पर, 10 मिली सेकेंड के अंदर स्विचिंग करने वाले स्विच का उपयोग किया जाता है।

यूपीएस कितने प्रकार के होते हैं? (Types of UPS in Hindi)

यूपीएस कितने प्रकार के होते हैं?

UPS के प्रकार:

1) The Standby UPS:

Standby UPS सबसे कॉमन टाइप हैं और इसे पर्सनल कंप्यूटर के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह इन्‍वर्टर केवल तब शुरू होता है जब पावर फेल हो जाती है, इसलिए इसका नाम “Standby” है।

2) The Line Interactive UPS:

Line Interactive UPS, छोटे व्यवसाय, वेब और डिपार्टमेंटल सर्वरों के लिए सबसे कॉमन डिजाइन है। इस डिजाइन में, बैटरी से एसी पावर कनवर्टर (इन्वर्टर) हमेशा UPS के आउटपूट से कनेक्‍ट रहता है। जब इनपुट एसी पावर सामान्य होती है तो ऑपरेटिंग इन्‍वर्टर रिवर्स में बैटरी चार्जिंग प्रदान करता है।

जब इनपुट पावर फेल होती है, तो ट्रांसफर स्विच ओपन होता है और बैटरी से UPS आउटपुट के लिए पावर फ्लो होता है।

इन्‍वर्टर हमेशा ऑन और आउटपूट को कनेक्‍टेड के साथ, यह डिज़ाइन अतिरिक्त फ़िल्टरिंग और यील्ड्स प्रदान करता है और स्टैंडबाय यूपीएस टोपोलॉजी कि तुलना में कम स्विचिंग ट्रांसिएंट होता है।

3) Standby On-Line Hybrid:

स्टैंडबाय ऑन-लाइन हाइब्रिड, एक टोपोलॉजी है जिसे 10kVA के नीचे के कई यूपीएस के लिए उपयोग किया जाता है जिसे “ऑन-लाइन” लेबल किया जाता है। स्टैंडबाय यूपीएस के जैसे, जब AC पावर फेल होती हैं, तब बैटरी से स्टैंडबाय DC to DC कन्‍वर्टर स्विच होता है।

UPS in Hindi पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

FAQ on UPS in Hindi

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UPS का क्या कार्य है?

यूपीएस का प्राथमिक कार्य बैटरी बैकअप प्रदान करना है जब पॉवर सप्‍लाई विफल हो जाती है या अस्वीकार्य वोल्टेज स्तर तक गिर जाती है। यह सुनिश्चित करता है कि आपके बिजली के उपकरणों को लगातार करंट मिलता रहे ताकि नुकसान, जैसे कि डेटाबेस करप्‍ट होने से बचा जा सके। एक UPS कंप्यूटर और उससे कनेक्‍ट अन्य डिवाइसेस को सुरक्षित, व्यवस्थित शटडाउन की अनुमति देता है।
अपेक्षाकृत छोटे पावर सर्ज को अवशोषित करता हैं।
नॉइस पॉवर के स्रोतों को सुचारू करता हैं।
लाइन सैग के दौरान लगातार उपकरणों को शक्ति प्रदान करता है।
बिजली आपूर्ति की स्थिति की निगरानी और लॉगिंग।
वर्तमान में विद्युत लाइन पर वोल्टेज को डिस्‍प्‍ले करता हैं।
कुछ त्रुटि स्थितियों पर अलार्म प्रदान करता हैं।
शॉर्ट-सर्किट सुरक्षा प्रदान करता हैं।

यूपीएस का पूरा नाम क्या है?

यूपीएस का पूरा नाम Uninterruptible Power Supply या Uninterruptible Power Source एक विद्युत उपकरण है जो इनपुट पावर स्रोत या मेन पावर के विफल होने पर लोड को आपातकालीन शक्ति प्रदान करता है।

यूपीएस में कम बैकअप होने का कारण क्या है?

दोषपूर्ण इन्वर्टर/यूपीएस:
यदि आपका पावर इन्वर्टर या यूपीएस खराब है, तो यह गलत बैटरी वोल्टेज पर कम बैटरी, बीप और शटडाउन दिखाना शुरू कर सकता है, जबकि वास्तव में आपकी बैटरी में बैकअप देने के लिए पर्याप्त रस बचा है। यह सुनिश्चित करने के लिए अपने इन्वर्टर की जांच करवाएं कि यह ठीक से काम कर रहा है।
या जैसे-जैसे समय बितता हैं बैटरी लाइफ कम होने लगती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि लेड-एसिड बैटरी स्वचालित रूप से थोड़ी मात्रा में ऊर्जा का निर्वहन करती है।

इन्वर्टर और यूपीएस के बीच क्या अंतर है?

UPS एक विद्युत उपकरण है जिसमें सिस्टम को बैकअप पावर प्रदान करने के लिए एक रेक्टिफायर होता है जबकि इन्वर्टर डीसी को एसी में परिवर्तित करता है। UPS का मुख्य कार्य बिजली की आपूर्ति को स्टोर करना है जबकि इन्वर्टर एसी पावर को डीसी पावर में परिवर्तित करता है। … इन्वर्टर की तुलना में UPS अधिक महंगा है।

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1 COMMENT

  1. धन्यवाद सर आपकी पोस्ट काफी लाब्दायी है और हमें आपके आर्टिकल्स पड़ना काफी ज्यादा अच्छा लगता है. आप हमारे देश के लिए काफी अच्छा काम कर रहे है इस प्रकार से और बेतरीन आर्टिकल्स हमरे लिए पोस्ट करते रहिये.

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