UPS Hindi में! UPS क्‍या हैं और यह कैसे काम करता हैं?

UPS Hindi.

UPS in Hindi

UPS Definition in Hindi:

UPS एक हार्डवेयर डिवाइस है जो पावर आउटेज (ब्लैकआउट), ब्राउनआउट, या पावर में बढ़ोतरी के मामले में बैकअप पावर सोर्स प्रदान करता है।

 

Full Form UPS:

Full Form of UPS is –

Uninterruptible Power Supply

 

Full Form UPS In Hindi:

UPS Full Form in Hindi-

Uninterruptible Power Supply – अबाधित विद्युत आपूर्ति

 

Meaning of UPS in Hindi:

UPS का मतलब – Uninterruptible Power Supply हैं, इसे Battery Backup के रूप में भी जाना जाता है।

 

UPS in Hindi:

UPS Hindi

UPS Kya Hai In Hindi:

आम तौर पर UPS पावर एक पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) को मुख्‍य पावर फेल होने के बाद कुछ मिनट तक ऑन रखता हैं, जिससे आप अपने डेटा को सेव कर सकते हैं और कंप्यूटर को सही तरीके से शट डाउन कर सकते हैं।

कई uninterruptible पावर सप्‍लाइर अब एक सॉफ्टवेयर कंपोनेंट ऑफर करते है जिससे जब आप कंप्यूटर से दूर होते हैं, तब पॉवर फेल होने पर आटोमेटिक बैकअप और शट डाउन प्रोसेस को एनेबल कर सकते हैं।

कई मामलों में, मुख्‍य कंप्‍यूटर या मॉनिटर में ही UPS शामिल होते हैं, लेकिन यूपीएस कि साइज के आधार पर, अन्य डिवाइसों को यूपीएस में बैकअप पावर के लिए भी प्लग किया जा सकता है।

जब मुख्‍य पावर चली जाती है तो बैकअप के रूप में कार्य करने के साथ ही, अधिकांश बैटरी बैकअप डिवाइस “कंडीशनर” के रूप में भी कार्य करते हैं जो यह सुनिश्चित करते हैं कि आपके कंप्यूटर और एक्सेसरीज़ को मिलने वाली पावर ड्रॉप या सर्जेस से मुक्त हो।

यदि कंप्यूटर को लगातार पावर सप्‍लाई नहीं मिल रहा है, तो अक्सर नुकसान हो सकता है। यूपीएस को आमतौर पर कंप्यूटर, डेटा सेटर्स, कम्‍युनिकेशन इक्विपमेंटस् या अन्य इलेट्रिकल डिवाइसेस जहां अप्रत्याशित पावर डिस्रप्शन से नुकसान या डेटा लॉस हो सकता हैं, इस्‍तेमाल किए जाते हैं।

जबकि एक UPS सिस्टम आपके कंप्यूटर सिस्टम का एक आवश्यक भाग नहीं है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने कि सलाह हमेशा ही दी जाती हैं।

बैटरी बैकअप, मुख्‍य पावर (दीवार आउटलेट से पावर) और कंप्यूटर के बीच होते  है। दूसरे शब्दों में, कंप्यूटर और अन्य ऐक्सेसरीज़ बैटरी बैकअप में प्‍लग होते हैं और बैटरी बैकअप दीवार के प्लग में प्लग इन होते हैं।

UPS डिवाइस कई साइज़ और शेप्‍स में आते हैं, लेकिन आमतौर पर यह आयताकार और फ्रीस्टैंडिंग स्‍टाइल के होते हैं, जिसका उद्देश्य कंप्यूटर के पास फर्श पर रखना है। अंदर स्थित बैटरी की वजह से सभी बैटरी बैकअप बहुत भारी होते हैं।

UPS के अंदर एक या अधिक बैटरीज, उनसे कनेक्‍ट डिवाइसेस को पावर प्रोवाइड करते हैं, जब मुख्‍य आउटलेट कि पावर उपलब्ध नहीं होती। यह बैटरीज़ रिचार्जेबल और अक्सर बदली जा सकती है, जो आपके कंप्यूटर सिस्टम के लिए दीर्घकालिक समाधान प्रदान करती है।

UPS के सामने आमतौर पर डिवाइस को ऑन और ऑफ करने के लिए एक पावर स्विच होता है। बड़े UPS में एक या एक से अधिक अतिरिक्त बटन होते हैं या टच पैनल भी होता हैं, जो विभिन्न टास्‍क को डिस्‍प्‍ले करते हैं। कुछ हाई एंड UPS में अक्सर LCD स्क्रीन भी होती हैं जो बैटरी कितनी चार्ज हुई हैं, कितने पावर का उपयोग किया गया हैं आदि इनफॉर्मेशन को डिस्‍प्‍ले करती हैं।

UPS के पीछे बैटरी बैकअप प्रोवाइड करने वाले एक या अधिक आउटलेट्स की सुविधा होगी। इसके अलावा, कई बैटरी बैकअप डिवाइसेस में अतिरिक्त आउटलेट में surge protection फीचर भी शामिल होता हैं और कभी-कभी नेटवर्क कनेक्शन के साथ-साथ फोन और केबल लाइनों के लिए प्रोटेक्‍शन होता हैं।

UPS बैकअप क्षमता की अलग-अलग डिग्री के साथ मैन्युफैक्चर्ड होते हैं। यह निर्धारित करने के लिए कि आपको कितने पावर के यूपीएस कि आवश्यकता है, सबसे पहले, आपके कंप्यूटर के लिए जरूरी Watt को चेक करने के लिए एक्सट्रीम पावर सप्लाइ कैलकुलेटर का उपयोग करें। इसके साथ ही अन्य डिवाइसेस के Watt को चेक कर उनकी कुल संख्या को लें और आपको कितने समय का बैकअप चाहिए यह जानने के लिए यूपीएस मैन्युफैक्चरर से संपर्क करें।

आमतौर पर घर के डेस्‍कटॉप कंप्‍यूटर को 10-20 मिनट के पावर बैकअप के लिए 600V का UPS पर्याप्त होता हैं।

Personal Computer UPS in Hindi

 

UPS क्यों आवश्यक हैं?

इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर बेस डिवाइसेस के डेवलपेंट के साथ-साथ सेसेटिव इनलेक्‍ट्रॉनिक इक्विपमेंट जैसे पर्सनल कंप्‍यूटर, सुपर कंप्‍यूटर, डेटा प्रोसेसर, डिजिटल कंट्रोलर इत्यादि का उपयोग बढ़ता गया। इस तरह के डिवाइसेस को इंटरप्शन फ्री पावर सप्‍लाई कि आवश्यकता होती हैं, क्योंकि यह डिवाइसेस Memory और Processor के साथ डेटा को हैंडल करते हैं।

जैसा कि हम जानते हैं कि ये डिवाइस करप्‍ट पावर सप्‍लाई के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप शट डाउन करने के बजाय पावर प्लग को निकालकर सीधे अपने पर्सनल कंप्यूटर को बंद करते हैं, तो आप अपना डेटा खो देंगे और कभी-कभी आपके कंप्यूटर कि ऑपरेटिंग सिस्टम करप्‍ट हो सकती है। इसलिए बड़े पैमाने पर उद्योगों में बड़े डेटा कि सुरक्षा के लिए इन डिवाइसेस को इन्टरप्शन फ्री पावर सप्‍लाई प्रदान करना आवश्यक है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए UPS का उपयोग किया जाता है।

 

Parts Of UPS in Hindi:

मुख्य रूप से UPS में निम्नलिखित एलिमेंट होते हैं, जो ब्लॉक डाइग्राम में दिखाए गए हैं:

Rectifier (Battery Charger )

Battery

Inverter

Static Switch or Contactor

Inside UPS in Hindi

Rectifier:

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि rectifier का मुख्‍य फंक्‍शन AC को DC में कन्‍वर्ट करना हैं। इसे बैटरी चार्ज करने के लिए इस्‍तेमाल किया जाता हैं और यह इन्‍वर्टर सर्किट में फिड़ होता हैं। इसका आउटपूट, लोड की आवश्यकता पर निर्भर करता है।

 

Battery:

बैटरी एनर्जी स्‍टोर करती हैं, जिसका इस्‍तेमाल मुख्‍य पावर फेल होने पर भविष्‍य के उपयोग के लिए किया जाता हैं। यह बैटरी लीड एसिड या आवश्यकता के अनुसार किसी अन्य प्रकार की हो सकती है।

 

Inverter:

यह rectifier प्रोसेस के उलट करता हैं। यह लोड के उपयोग के लिए आनेवाले DC सप्‍लाई को AC में कन्‍वर्ट करता हैं। इन्‍वर्टर का आउटपूट साइनवेव होता हैं। यह D.C. को constant frequency और amplitude के A.C में कन्‍वर्ट करता हैं।

 

Static Switch or Transfer Switch:

पावर के सोर्स को ट्रांसफर करने के लिए एक स्‍टैटिक स्विच या ट्रांसफर स्विच की आवश्यकता होती है। इस ऑपरेशन का समय बहुत फास्‍ट होता हैं। आम तौर पर, 10 मिली सेकेंड के अंदर स्विचिंग करने वाले स्विच का उपयोग किया जाता है।

 

Types of UPS in Hindi

UPS के प्रकार:

1) The Standby UPS in Hindi:

Standby UPS सबसे कॉमन टाइप हैं और इसे पर्सनल कंप्यूटर के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह इन्‍वर्टर केवल तब शुरू होता है जब पावर फेल हो जाती है, इसलिए इसका नाम “Standby” है।

 

2) The Line Interactive UPS in Hindi:

Line Interactive UPS, छोटे व्यवसाय, वेब और डिपार्टमेंटल सर्वरों के लिए सबसे कॉमन डिजाइन है। इस डिजाइन में, बैटरी से एसी पावर कनवर्टर (इन्वर्टर) हमेशा UPS के आउटपूट से कनेक्‍ट रहता है। जब इनपुट एसी पावर सामान्य होती है तो ऑपरेटिंग इन्‍वर्टर रिवर्स में बैटरी चार्जिंग प्रदान करता है।

जब इनपुट पावर फेल होती है, तो ट्रांसफर स्विच ओपन होता है और बैटरी से UPS आउटपुट के लिए पावर फ्लो होता है।

इन्‍वर्टर हमेशा ऑन और आउटपूट को कनेक्‍टेड के साथ, यह डिज़ाइन अतिरिक्त फ़िल्टरिंग और यील्ड्स प्रदान करता है और स्टैंडबाय यूपीएस टोपोलॉजी कि तुलना में कम स्विचिंग ट्रांसिएंट होता है।

 

3) Standby On-Line Hybrid in Hindi:

स्टैंडबाय ऑन-लाइन हाइब्रिड, एक टोपोलॉजी है जिसे 10kVA के नीचे के कई यूपीएस के लिए उपयोग किया जाता है जिसे “ऑन-लाइन” लेबल किया जाता है। स्टैंडबाय यूपीएस के जैसे, जब AC पावर फेल होती हैं, तब बैटरी से स्टैंडबाय DC to DC कन्‍वर्टर स्विच होता है।

 

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