कैसे पता करें कि आपका फोन हैक हुआ है या नहीं?

 

Phone Hacked Signs

Phone Hacked Signs

ईमेल से लेकर बैंकिंग तक, हमारे स्मार्टफोन हमारे ऑनलाइन जीवन का मुख्य केंद्र रहे हैं। इसलिए इस बात में कोई आश्चर्य नहीं कि ऑनलाइन हैकर्स के लिए कंप्यूटर के बजाए स्मार्टफोन सामान्य टार्गेट बनते जा रहे हैं।

सेक्‍युरिटी रिसर्च ने हाल ही में एक हमले के अभियान का खुलासा किया है जिसमें मलेशियश एंड्रॉइड ऐप जारी किया गया था जिसने लगभग 20 देशों में हजारों स्‍मार्टफोन को हैक किया, यह ऐप दिखने में व्हाट्सएप और सिग्नल सहित वैध सुरक्षित मैसेज प्रोग्राम के समान था।

ये ऐप Secure Android नामक एक वेबसाइट के माध्यम से डाउनलोड किया गया था, और एक बार इंस्‍टॉल होने के बाद, हैकर्स को फ़ोटो, स्थान की जानकारी, ऑडियो कैप्चर और मैसेज कंटेंट तक का एक्‍सेस मिल जाता था।

जबकि कुछ सेक्‍युरिटी एक्‍सपर्ट के अनुसार, किसी ऐप में शामिल मैलवेयर खुद ही स्‍मार्टफोन को हैक नहीं कर सकता, लेकिन इसके बजाय केवल “एप्लिकेशन Permission की आवश्यकता होती है, जो यूजर्स किसी ऐप्स को पहली बार ओपन करते समय स्वयं प्रदान करते हैं। तब शायद वे नहीं जानते थे कि इसमें मैलवेयर शामिल था।”

एंड्रॉइड पर मैलवेयर के अटैक का खतरा सिर्फ ऐप इंस्‍टॉल करने से नहीं होता। कई अन्‍य तरीके है जिनसे आपका एंड्रॉइड स्मार्टफ़ोन वायरस या मैलवेयर का शिकार हो सकता है, जैसे थर्ड पार्टी ऐप्‍स इंस्‍टॉल करना, ई-मेल कि संदेहजनक लिंक पर क्लिक करना आदि।

मैलवेयर अक्सर गैर-आधिकारिक स्रोतों से डाउनलोड किए गए ऐप से आता है, जिसमें ईमेल या मैसेज के माध्यम से भेजे गए फ़िशिंग लिंक, साथ ही साथ ऊपर बताए गए कुछ गैर वैध एंड्रॉइड साइट जैसे दुर्भावनापूर्ण वेबसाइट भी शामिल हैं। (जबकि सुरक्षा विशेषज्ञ हमेशा आधिकारिक ऐप स्टोर से डाउनलोड करने की सलाह देते हैं – जैसे ऐप्पल ऐप स्टोर या गूगल प्‍ले स्‍टोर।)

लेकिन, इससे अधिक डरावनी बात क्या हो सकती है कि अधिकांश यूजर्स यह जानते भी नहीं हैं कि उनके डिवाइस को हैक कर लिया गया है और उसका इस्तेमाल अन्य नापाक प्रयोजनों के लिए किया जा रहा है।

इसलिए, हमने यहां 7 संभावित संकेत सूचीबद्ध किए हैं जो आपको यह पता लगाने में सहायता करेंगे कि आपका फोन वास्तव में वायरस या मैलवेयर से इन्फेक्टेड है या नहीं।

15 स्पष्ट संकेत जो बताएंगे की आप हैक किए जाने वाले हैं

 

Signs Your Phone May Have Been Hacked

1) बैटरी लाइफ अचानक बहुत कम हो जाती हैं

जबकि एक फोन की बैटरी लाइफ समय के साथ अनिवार्य रूप से घट जाती है, मैलवेयर से हमला किए गए स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ काफी कम हो सकती है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि मैलवेयर – या जासूसी ऐप – डिवाइस को स्कैन करने और जानकारी को एक आपराधिक सर्वर पर वापस भेजने के लिए फोन रिसोर्सेस का उपयोग कर रहा हो सकता है।

(यह भी हो सकता हैं की आप एक साथ कई सारे ऐप यूज कर रहे हो, जिसकी वजह से बैटरी जल्दी खत्म हो रही हो।)

चूंकि अधिकांश मैलवेयर बैकग्राउंड में पूरे दिन रन होने के लिए डिज़ाइन किए गए होते हैं, इसलिए आप अपनी बैटरी लाइफ खो सकते हैं। मैलवेयर के अधिक गंभीर मामलों में, हल्के मामलों की तुलना में बैटरी लाइफ तेज़ी से कम होती हैं।

फिर से, तेजी से ड्रेन होती बैटरी के लिए कई कारण हो सकते है, जैसे कोई इंटेंसिव ऐप जिसे आपने जानबूझकर इंस्‍टॉल किया है या आपकी बैटरी पुरानी हो रही है।

कौनसे ऐप आपकी बैटरी को ड्रैन कर रहे है, यह जांचने के लिए एंड्रॉइड कि Settings में Battery में जाएं।

4- Signs Your Device Is Infected with Virus or Malware

अगर यहाँ पर आपको यह दिखाई दें कि कोई भी ऐप ज्‍यादा बैटरी कि खपत नहीं कर रहा है और आप सुनिश्चित हैं कि बैटरी अभी भी हेल्थी है, तो यह मैलवेयर का मामला हो सकता है।

 

2) आपके स्‍मार्टफोन का परफॉर्मेंस गिर जाता हैं

क्या आप अपने फोन को अक्सर फ्रीज़िंग, या कुछ एप्लिकेशन क्रैश करते हो रहे हैं? यह मैलवेयर का संकेत हो सकता है जो फोन के संसाधनों को ओवरलोड कर रहा है या अन्य ऐप्‍लीकेशन के साथ टकरा रहा है।

आप उन्हें बंद करने के प्रयासों के बावजूद भी ऐप्‍लीकेशन को जारी रखने का अनुभव कर सकते हैं, या यहां तक ​​कि फोन स्वयं क्रैश हो सकते हैं और / या बार-बार रिस्‍टार्ट हो सकते हैं।

अगर मैलवेयर आपके फोन में कुछ इन्टेन्सिव टास्‍क करने की कोशिश करता है, तो आपको पता चल जाएगा कि आपका डिवाइस स्‍लो हो गया है, क्‍योकि इस काम के लिए इसे प्रोससिंग पॉवर कि आवश्‍यकता होती है।

इसके परिणामस्वरूप स्‍लो लोडिंग, ऐप्‍स हैंग और बुट के लिए ज्‍यादा समय लगना हो जाता है। फोन कॉल करते समय रुकावटें और अन्य अजीब घटनाएं भी इसी के कारण से हो सकती है।

आपके डिवाइस के कॉन्फ़िगरशेन, ऐप्‍स कि संख्‍या और मैलवेयर इन्फेक्‍शन की गंभीरता के आधार पर, आपके फोन के परफॉरमेंस पर असर होता है। अगर आपको अपना डिवाइस पहले से ज्‍यादा स्‍लो होने का अनुभव हो रहा है, तो यह मैलवेयर इन्फेक्‍शन से हो सकता है।

यदि आपका फोन पहले से स्‍लो हो गया है, तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा इंस्टॉल किए गए ऐप और विजेट द्वारा यह भरा हुआ नहीं है। इस प्रॉब्‍लम को ज्‍यादा रिसोर्सेस लेने वाले ऐप को डिसेबल या अनइंस्‍टॉल कर आसानी से सॉल्‍व किया जा सकता है।

आप अपने एंड्रॉइड सेटिंग्स पर जाकर कौनसे रिसोर्स मोबाइल को स्‍लो कर रहे है इसकी खोज कर सकते हैं –

Setting में App में जांए।

या

कुछ डिवाइसेस में Settings में Memory में जांए।

यहाँ पर आपको हर एक ऐप कितने रैम का उपयोग कर रहा है, यह देख सकते है।

3- Signs Your Device Is Infected with Virus or Malware

यदि कोई विशिष्ट ऐप ज्‍यादा रैम का उपयोग कर रहा है, तो यह स्‍क्रीन के सबसे उपर दिखाई देगा। यदि आपके फोन में कोई बड़ा ऐप या गेम रन नहीं हो रहा है और फिर भी आपका फोन स्‍लो हो गया है, तो आपको तुरंत वायरस या मैलवेयर के लिए स्‍कैन करना चाहिए।

 

3) हाई डेटा का उपयोग

जब एक मैलवेयर आपके फोन को इन्फेक्ट करता है, तब यह हमेशा बेकार नहीं होता। एंड्रॉइड वायरस और अन्य मोबाइल मैलवेयर, उनके निर्माता (हमलावर) से प्राप्त आदेशों के आधार पर काम करते है।

बहुत सारे मैलवेयर ऐप यह जानकारी प्राप्त करने के लिए मौजूद है: अकाउंट डिटेल्‍स, क्रेडिट कार्ड नंबर, कॉन्‍टैक्‍ट लिस्‍ट आदि। जब मैलवेयर ऐप यह जानकारी प्राप्त कर लेते है, तो वे इसे उनके क्रिएटर (हमलावर) के पास भेज देते है।

इन कामों के लिए मैलवेर को एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होती है। इसी वजह से आपके डेटा के उपयोग में अजीब तरह का स्पाइक दिखाई देता है।

इसके साथ ही मैलवेर कई तरह से नकली पॉपअप एडस् और अन्‍य एक्टिविटीज को दिखाते है, जिसके लिए उन्‍हे इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होती है।

अगर यह आपके एंड्रॉइड डिवाइस में हो रहा है, तो यह एक संकेत है कि आपका मोबाइल इन्फेक्टेड है।

सौभाग्य से, एंड्रॉइड में बिल्‍ट-इन टूल होते है जो डेटा मैनेज करने में आपकी सहायता करते है।

Settings मेनू से Data Usage में जाएं। यहां निचें कि ऐप कि लिस्‍ट से आप समीक्षा कर सकते हैं कि हर एक ऐप कितना डेटा यूज कर रहा है।

1- Signs Your Device Is Infected with Virus or Malware

इसके साथ ही आप “Set mobile data limit” से डेटा लिमीट को सेट करने के लिए स्‍लाइडर्स को एडजस्‍ट कर सकते है।

2- Signs Your Device Is Infected with Virus or Malware

अपने फोन के बिल और डेटा के उपयोग पर नज़र रखें, और इसके उपयोग में अचानक और अप्रत्याशित वृद्धि पर ध्यान दें। यदि आपको ऐसा दिखाई देता है और आप यह नहीं समझ पा रहे हैं कि यह क्यों हुआ, तो मैलवेयर के लिए अभी स्‍कैन कर लें।

 

4) आउटगोइंग कॉल या टेक्स्ट जो आपने नहीं भेजे

अधिकांश मोबाइल वायरस को फेक कॉल करने और संक्रमित डिवाइस से एसएमएस भेजने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अगर आप अपने फोन से भेजे गए किसी भी कॉल या एसएमएस को नोटिस करते हैं जिसके बारें में आपको पता नहीं है, तो आपके डिवाइस पर संभावित वायरस के इन्फेक्शन पर संदेह कर सकते हैं।

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5) रहस्यमय पॉप-अप या विज्ञापन

जबकि सभी पॉप-अप का मतलब यह नहीं है कि आपका फोन हैक हो गया है, लगातार पॉप-अप अलर्ट यह संकेत दे सकते हैं कि आपका फोन एडवेयर से संक्रमित है, मैलवेयर का एक रूप जो डिवाइस को क्लिक के माध्यम से राजस्व हासिल करने वाले कुछ पेजेज को देखने के लिए मजबूर करता है।

लेकिन अगर नोटिफिकेशन बार पर या पूरी स्‍क्रीन पर पॉपअप दिखाई दे रहे है, तो यह वायरस या मैलवेर का ही लक्षण हो सकता है या कम से कम एक बहुत खराब व्यवहार वाला एप्लिकेशन।

यदि आपका एंड्रॉइड डिवाइस नियमित रूप से पॉप-अप डिस्‍प्‍ले कर रहा है, तो हो सकता है कि आपके डिवाइस के अंदर एक एडवेयर इंस्‍टॉल हो गया है।

इसके लिए ऐप कि लिस्‍ट में जांए और उस ऐप को डिलीट कर दें जो विज्ञापन दिखा रहा है।

 

6) फोन कॉल ड्रॉप होना

मोबाइल मैलवेयर ऑउटगोइंग या इनकमिंग कॉल को प्रभावित कर सकता है। किसी बातचीत के दौरान कॉल ड्रॉप होना या अजीब रुकावटें आना (अगर रेंज अच्छी हो फिर भी), मोबाइल में मैलवेयर मौजूदगी का संकेत हो सकता है।

 

7) डिवाइस से जुड़े किसी भी अकाउंट पर असामान्य गतिविधि

यदि किसी हैकर के पास आपके फोन तक पहुंच है, तो उनके पास इसके अकाउंट का भी एक्‍सेस है – सोशल मीडिया से लेकर ईमेल तक विभिन्न लाइफ स्‍टाइल या प्रोडक्‍टटिविटी ऐप तक। यह आपके अकाउंट की गतिविधि में खुद को प्रकट कर सकता है, जैसे कि पासवर्ड रीसेट करना, ईमेल भेजना, बिना पढ़े ईमेल को Read मार्क करना, जिसे आप पढ़ना याद नहीं हैं, या नए अकाउंट के लिए साइन-अप करना, जिनके विरिफिकेशन ईमेल आपके इनबॉक्स में आ रहे हैं।

इस मामले में, आप पहचान धोखाधड़ी के लिए जोखिम में पड़ सकते हैं, जहां अपराधी आपके अकाउंट से ली गई जानकारी का उपयोग करके, आपके नाम पर नए अकाउंट या क्रेडिट की लाइनें खोलते हैं।

 

SOS कदम

यदि आपने हैक किए गए स्मार्टफोन के इन लक्षणों में से किसी का भी अनुभव किया है, तो मोबाइल सुरक्षा ऐप डाउनलोड करना सबसे अच्छा कदम है।

एंड्रॉइड के लिए, मैं Avast को पसंद करता हूं, जो न केवल मैलवेयर के लिए स्कैन करता है, बल्कि एक कॉल ब्‍लॉकर, फ़ायरवॉल, VPN, और हर बार कुछ एप्लिकेशन का उपयोग करने के लिए एक PIN का अनुरोध करने की सुविधा प्रदान करता है – मैलवेयर को आपके ऑनलाइन बैंकिंग जैसे संवेदनशील ऐप खोलने से रोकता है।

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