Graphic Design Hindi में! ग्राफिक डिज़ाइन क्‍या हैं और इसमें कैरियर के अवसर कितने हैं?

7745

Graphic Design Hindi.

Graphic Design Hindi

Graphic Design Meaning Definition:

ग्राफिक डिज़ाइन, जिसे कम्युनिकेशन डिज़ाइन के रूप में भी जाना जाता है, आइडियाज कि प्लानिंग और प्रोजेक्टिंग, विसुअल और टेक्सटुअल कंटेंट के एक्‍सपिरियंस कि एक आर्ट हैं।

जिस फॉर्म का उपयोग होता है वह भौतिक या आभासी हो सकता है और इसमें इमेजेस, वर्ड या ग्राफिक्स शामिल हो सकते हैं। एक्‍सपिरियंस एक पल में या लंबी अवधि में हो सकता है।

काम किसी भी पैमाने पर हो सकता है, एक डाक टिकट के डिजाइन से लेकर एक राष्ट्रीय डाक सिग्नेज सिस्टम के लिए हो सकता है। यह कुछ लोगों के लिए किया जा सकता है, जैसे कि केवल एक या लिमिटेड-एडिशन बुक्‍स या एक्सीबिशन डिज़ाइन। इसे लाखों लोगों द्वारा देखा जा सकता है, जैसा कि एक अंतरराष्ट्रीय न्‍यूज़ आर्गेनाइज़ेशन की इंटरलिंक्‍ड डिजिटल और फिजिकल कंटेंट के साथ। यह किसी भी उद्देश्य के लिए भी हो सकता है, चाहे कमर्शियल, एजुकेशनल, कल्चरल या पॉलिटिकल।

What is Graphic Design in Hindi:

ग्राफिक डिज़ाइन, ऑडियंस को एक मैसेज देने के लिए विज़ुअल एलिमेंट जैसे कि टाइपोग्राफ़ी, इमेजेस, सिम्‍बल और कलर्स को चुनने और रिअरेन्ज करने कि कला।

कभी-कभी ग्राफिक डिजाइन को “Visual Communications” कहा जाता है, जो इनफॉर्मेशन देने के लिए बुक्‍स डिज़ाइन, ऐड्वर्टाइज़्मेंट, लोगो या वेब साइट के अपने फंक्‍शन पर ज़ोर देता है।

 

History Of Graphic Design in Hindi:

ग्राफिक डिजाइन का इतिहास:

एक प्रैक्टिस और प्रोफेशन के रूप में ग्राफिक डिजाइन का विकास तकनीकी नवाचारों, सामाजिक आवश्यकताओं और चिकित्सकों के विजुअल इमेजिनेशन से जुड़ा हुआ है। पूरे इतिहास में विभिन्न रूपों में ग्राफिक डिजाइन का अभ्यास किया गया है; वास्तव में, प्राचीन चीन, मिस्र, और ग्रीस में पुरातन ज़माने पांडुलिपियों के लिए ग्राफिक डिजाइन बहुत महत्वपूर्ण हैं।

15 वीं शताब्दी में बुक्‍स और अन्‍य प्रिंटिंग प्रॉडक्‍शन के रूप में डेवलप हुआ, एडवांस ग्राफिक डिज़ाइन इसके बाद के शताब्दियों में बढ़ा, कंपोजिटर्स या टाइपसेटर अक्सर पेजेस को डिज़ाइन करते थे, जैसे वे टाइप करते थे।

19 वीं सदी के उत्तरार्ध में, ग्राफिक डिजाइन पश्चिम में एक विशिष्ट प्रोफेशन के रूप में उभरा, क्योंकि औद्योगिक क्रांति द्वारा लायी गई नई टेक्नोलॉजीज और कमर्शियल संभावनाओं के कारण इसमें काम की विशेषज्ञता की प्रोसेस शुरू हुई थी।

नए प्रॉडक्‍शन मेथड ने अपने वास्तविक प्रॉडक्‍शन से एक कम्युनिकेशन मेडियम के डिजाइन (उदा. पोस्टर) को अलग कर दिया। 19 वीं और 20 वीं शताब्दी के अंत में, विज्ञापन एजेंसियों, पुस्तक प्रकाशकों और पत्रिकाओं ने आर्ट डाइरेक्‍टर को नियुक्त किए, जिन्होंने कम्युनिकेशन के सभी विज़ुअल एलिमेंट को ऑर्गनाइज़ किया। 1922 के टाइपोग्राफर विलियम ए. डिविगंस ने उभरते हुए क्षेत्र की पहचान करने के लिए ग्राफिक डिजाइन का इस्तेमाल किया।

20 वीं शताब्दी के दौरान, डिजाइनरों के लिए उपलब्ध तकनीक तेजी से आगे बढ़ती रही, जैसा कि डिजाइन के लिए कलात्मक और व्यावसायिक संभावनाएं थीं। इस प्रोफेशन का बहुत अधिक विस्तार हुआ, और ग्राफिक डिजाइनर, अन्य बातों के अलावा, मैगज़ीन पेजेस, बुक्‍स जैकेट, पोस्टर, कॉम्पैक्ट डिस्क कवर, डाक टिकट, पैकेजिंग, ट्रेडमार्क, साइन, ऐड्वर्टाइज़्मेंट, टेलीविजन प्रोग्राम और मोशन पिक्‍चर के लिए काइनेटिक टाइटल और वेब साइट्स।

21 वीं शताब्दी के अंत तक, ग्राफिक डिजाइन एक ग्‍लोबल प्रोफेशन बन गया था, क्योंकि एडवांस टेक्‍नोलॉजी और इंडस्‍ट्री पूरे विश्व में फैले है।

 

Applications of Graphic Design in Hindi:

ग्राफिक डिजाइन के एप्‍लीकेशन:

अपने आसपास देखे! आपको यह सभी में दिखाई देगा। ग्राफिक डिज़ाइन हर जगह है, कैंडी बार के रैपर से लेकर आपके मग् और ऑफिस सप्‍लाइर के लोगो पर।

वास्तव में, आप हर एक दिन ग्राफिक डिजाइन के सैकड़ों उदाहरण देखते हैं, और अधिकतर समय, आप यह भी महसूस नहीं कर पाएंगे कि इसका आपपर क्या असर हो रहा है।

ग्राफिक डिजाइन कई फंक्‍शन कर सकता है, और हर एक के लिए, इसका नाम अलग हो सकता है। ग्राफिक डिजाइन के कुछ उपयोग में शामिल हैं:

  • साइनिज
  • कॉर्पोरेट आइडेंटिटी / ब्रांडिंग
  • पैकेजिंग (बोतलों से लेकर सभी उपकरणों तक)
  • प्रिंटेंड कंटेंट (बुक्‍स, फ्लायर्स, मैगजीन्स, न्‍यूज़ पेपर)
  • ऑनलाइन (बैनर, ब्लॉग, वेबसाइट, आदि)
  • एल्बम कवर
  • फिल्म और टेलीविजन टाइटल और ग्राफिक्स
  • टी-शर्ट और कपड़े डिजाइन
  • ग्रीटिंग कार्ड

यह ग्राफिक डिजाइन के कई उपयोगों का केवल एक छोटा अंश है। कुछ अवसरों पर, जैसे कि साइनेज डिज़ाइन को, इनफॉर्मेशन को पहुँचाने के लिए बहुत स्पष्ट और आसान तरीका प्रदान करना चाहिए। किसी शहर का भूमिगत नक्शा इसका एक प्रमुख उदाहरण हैं। यह डिजाइन कुछ कॉम्‍प्‍लेक्‍स को सरल करता है, जिससे नेविगेट करने में आसान हो जाता है और आप डेस्टिनेशन पर पहुंच जाते है।

अगर डिजाइन अत्यधिक कॉम्प्लेक्स या कलात्मक हैं, तो यह मैप के काम को बहुत ही बाधित करेगा।

 

Uses Of Graphic Design in Hindi:

ग्राफिक डिजाइन का उपयोग:

ग्राफिक डिज़ाइन के आम उपयोग में कॉर्पोरेट डिजाइन (लोगो और ब्रांडिंग), संपादकीय डिज़ाइन (मैगज़ीन, न्‍यूज़ पेपर और बुक्‍स), रास्ता खोजने या पर्यावरण डिज़ाइन, विज्ञापन, वेब डिज़ाइन, कम्युनिकेशन डिज़ाइन, प्रॉडक्‍ट पैकेजिंग और साइनेज शामिल हैं।

 

Graphic Design Courses in India:

ग्राफिक डिजाइन कोर्स:

भारत में Graphic Design Institutes लंबे समय से कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग दे रहे हैं। वे सॉफ्टवेयर ऐप्‍लीकेशन स्‍कील प्रदान करने पर भी बहुत ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

एक प्रोफेशनल ग्राफिक डिजाइनर बनने के लिए अच्‍छी वैचारिक नॉलेज और स्‍कील कि आवश्यकता है।

ग्राफिक डिजाइन कम्युनिकेशन डिजाइन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। ग्राफिक डिजाइन के लर्नर्स को पता होना चाहिए कि उनकी स्‍टडी के कोर्स को विभिन्न विषयों पर फोकस किया जाना चाहिए जैसे टाइपोग्राफ़ी और टाइप डिजाइन, इलस्ट्रेशन और फोटोग्राफी, पैकेजिंग और प्रिंट डिज़ाइन, साइनेज डिज़ाइन और कॉर्पोरेट आइडेंडी सिस्टम।

इनफॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी के ऐप्‍लीकेशन से लर्नर को कंप्यूटर ग्राफिक्स, मल्टीमीडिया और वेब डिज़ाइन के क्षेत्र पर भी ध्‍यान देना चाहिए।

उन्‍हे Sound forge, Adobe premiere, Adobe After Effects and Combustion जैसे सॉफ्टवेयर का उपयोग करते आना चाहिए हैं।

भारत में ग्राफिक डिजाइन कोर्स उन कैंडिडेट्स के लिए उपयुक्त हैं जो रचनात्मकता और विज़ूअल कम्युनिकेशन में स्वाभाविक रूप से अच्छे हैं।

 

Important Qualities for Graphic Designers:

ग्राफिक डिजाइनर के लिए महत्वपूर्ण गुण:

1) Analytical skills:

ग्राफ़िक डिजाइनर अपने कंन्‍ज़ूमर्स के दृष्टिकोण से अपने काम को देखने के लिए सक्षम होना चाहिए। वे डिज़ाइन कैसे डेवलप करते हैं, ताकि वह वैसा ही हो जैसा कि कंन्‍ज़ूमर्स चाहते हैं।

 

2) Artistic ability:

ग्राफिक डिजाइनर उन डिज़ाइनों को बनाने में सक्षम होना चाहिए जो क्लासिक और दिलचस्प हैं और क्लाइंट और कंन्‍ज़ूमर्स के लिए आकर्षक हैं। वे डिजाइन आइडियाज के इलस्ट्रेशन को या तो हाथ से स्केचिंग या कंप्यूटर प्रोग्राम का उपयोग करके बनाते हैं।

 

3) Communication skills:

ग्राफिक डिजाइनरों को क्‍लाइंट, कंन्‍ज़ूमर्स और अन्य डिजाइनरों के साथ कम्‍युनिकेशन करते आना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके डिज़ाइन डिसाइर्ड मैसेज को सटीक रूप से प्रतिबिंबित करते हैं और इनफॉर्मेशन को प्रभावी रूप से व्यक्त करते हैं।

 

4) Computer skills:

अधिकांश ग्राफिक डिजाइनर अपने डिजाइन तैयार करने के लिए विशेष ग्राफिक डिजाइन सॉफ़्टवेयर का उपयोग करते हैं।

 

5) Creativity:

ग्राफिक डिजाइनर, कंन्‍ज़ूमर्स को विचारों को कम्‍यूनिकेट के नए तरीकों के बारे में सोचने में सक्षम होना चाहिए। वे युनिक डिजाइन डेवलप करते हैं जो अपने क्‍लाइंट की ओर से एक निश्चित मैसेज पहुँचाते हैं।

 

5) Time-management skills:

ग्राफिक डिजाइनर अक्सर एक ही समय में कई प्रोजेक्‍ट पर काम करते हैं, प्रत्येक काम की अलग डेडलाइन होती हैं और उन्‍हे समय पर अपना काम पूरा करना होता हैं।

 

What Can You Do With a Graphic Design Degree?

ग्राफिक डिजाइन डिग्री के साथ आप क्या कर सकते हैं?

1) ग्राफिक डिजाइनर

औसत वार्षिक वेतन (2015): Rs. 274,572

अनुमानित वृद्धि (2014-2024): कोई बदलाव नहीं है

नौकरी की जिम्मेदारियाँ:

प्रॉडक्‍ट इलस्ट्रेशन के लिए ग्राफिक और लेआउट, कंपनी के लोगो और वेबसाइटों को डेवलप करना।

फाइनल लेआउट की समीक्षा, आवश्यक होने पर सुधारों का सुझाव और आवश्यक चेजेंस करना।

इमेज, फोटो और पिछले काम के सैंपल के संग्रह को बनाए रखना।

 

2) वेब डेवलपर्स

औसत वार्षिक वेतन (2015): Rs 118,134 – Rs 617,031

अनुमानित वृद्धि (2014-2024): औसत से बहुत फास्‍ट

नौकरी की जिम्मेदारियाँ:

वेबसाइटों को डिजाइन करना, वेबसाइट मेंटेंन करना और इसके लिए आथरिंग या स्क्रिप्ट लैंग्‍वेज का उपयोग करना।

यह सुनिश्चित करना कि कोड वैलीड हैं, ठीक से स्‍टक्‍चर्ड है और इंडस्‍ट्री स्‍टैंडर्ड को पूरा करता है।

प्रॉब्‍लम्‍स को टेस्‍टींग और यूजर फिडबैक से आइडेंडीफाइ करना और करेक्‍ट करना।

 

3)  आर्ट डाइरेक्‍टर:

औसत वार्षिक वेतन (2015): Rs 243,067 – Rs 1,174,843

अनुमानित वृद्धि (2014-2024): औसत से स्‍लो

नौकरी की जिम्मेदारियाँ:

ओब्जेक्टिव, बजट, बैक्राउंड इनफॉर्मेशन और प्रेजेंटेशन के तरीकों को निर्धारित करने के लिए क्‍लाइंट के साथ बातचीत करना।

डिजाइन सोल्‍युशन डेवलप के लिए क्रिएटीव डाइरेक्‍टर्स के साथ काम करना।

 

4) मार्केटिंग स्पेशलिस्ट्स:

औसत वार्षिक वेतन (2015): Rs 201,872 – Rs 1,158,877

अनुमानित वृद्धि (2014-2024): औसत से बहुत फास्‍ट

नौकरी की जिम्मेदारियाँ:

कस्‍टमर्स जनसांख्यिकी, प्राथमिकताओं, जरूरतों और खरीदारी की आदतों पर डेटा एकत्र और विश्लेषण करना।

प्रतियोगियों पर डेटा एकत्र करना, उनकी कीमतों, बिक्री और मार्केटिंग डिस्ट्रीब्यूशन की मेथड का विश्लेषण करना।

मार्केटिंग, एडवरटाइजिंग और कम्‍युनिकेशन प्रोग्राम्‍स और रणनीतियों की प्रभावशीलता को मापना।

 

5) सॉफ्टवेयर ऐप्‍लीकेशन डेवलपर्स:

औसत वार्षिक वेतन (2015): Rs 168,962 – Rs 871,935

अनुमानित वृद्धि (2014-2024): औसत से बहुत फास्‍ट

नौकरी की जिम्मेदारियाँ:

सॉफ्टवेयर सिस्टम के डिजाइन, डेवलप और मॉडिफिकेशन के लिए जिम्मेदार।

टाइम और कॉस्‍ट-इफेक्टिव डिजाइन प्राप्त करने के लिए यूजर्स की जरूरतों और सॉफ़्टवेयर आवश्यकताओं को एनेलाइज़ करना।

प्रोग्रामर, टेक्नोलॉजिस्ट्स और तकनीशियनों के काम पर नजर रखना।

 

6) मार्केटिंग मैनेजर:

औसत वार्षिक वेतन (2015): Rs 257,815 – Rs 1,511,872

अनुमानित वृद्धि (2014-2024): औसत से अधिक फास्‍ट

नौकरी की जिम्मेदारियाँ:

मार्केटिंग रणनीतियों को पहचानना, डेवलप करना या मूल्यांकन करना।

प्रॉडक्‍ट और सर्विसेस को बढ़ावा देने के लिए मार्केटिंग एक्टिविटीज और पॉलीसीस को बनाना।

लोगों को प्रॉडक्‍ट के बारे में सलाह देकर प्रॉडक्‍ट को खरीदने के लिए परामर्श करना।

 

Graphic Design Hindi.

Graphic Design In Hindi, Graphic Design Meaning Definition, What Is Graphic In Hindi, , Graphics Definition In Hindi, Visual Design Meaning In Hindi, Computer Graphics In Hindi Language, Graphic Design Meaning Definition In Hindi.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.