Encryption Hindi में! एन्क्रिप्शन क्या है? एन्क्रिप्शन कैसे काम करता है?

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Encryption Hindi

Encryption Meaning in Hindi: Encryption in Hindi

Encryption केवल एक तरीका है जिससे आप डेटा चोरी रोक सकते हैं।

जैसे कि आजकल बिज़नेसेस और कंस्यूमर्स कि साइबर अपराधों में शिकार होने कि संख्‍या बढ़ रही हैं, एन्क्रिप्शन और टफ सेक्‍युरिटी की आवश्यकता हर समय होती हैं।

हालांकि, इनफॉर्मेशन को एन्क्रिप्ट करने का तरीका निश्चित रूप से नया नहीं है। वास्तव में, क्रिप्टोग्राफ़ी प्राचीन काल से की जाती है, केवल एकमात्र अंतर यह है कि अब हम अपने डेटा को स्क्रैम्बल करने के लिए युनिक एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस का उपयोग करते हैं।

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इन दिनों आपको कई चीजों में एन्क्रिप्शन मिलेगा जो एक इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल करते हैं, मैसेजिंग ऐप और पर्सनल बैंकिंग एप्लिकेशन से लेकर वेबसाइटस् और ऑनलाइन पेमेंट मेथड आदि।

इससे यूजर्स को यह सुनिश्चित होने के लिए मदद मिलती हैं उनका डेटा चोरी नहीं हो सकता या Ransomware में फिरौती के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

Encryption Meaning in Hindi

एन्क्रिप्शन का मतलब क्या है?

हिंदी में एन्क्रिप्शन का अर्थ:

Encryption Meaning In Hindi – एक सिक्रेट कोड में डेटा का ट्रांसलेशन।

Meaning For Encryption: इनफॉर्मेशन या डेटा को कोड में कन्‍वर्ट करना, विशेष रूप से अनधिकृत एक्‍सेस को रोकने के लिए।

What is Encryption in Hindi?

What is Encryption in Hindi?

अपने सबसे बेसिक फॉर्म में, एन्क्रिप्शन एन्कोडिंग, डेटा को एन्कोडिंग करने की प्रोसेस है, जिसमें डेटा को अस्पष्ट और स्क्रैम्बल किया जाता हैं।

कई मामलों में, डेटा को एन्क्रिप्ट करने के लिए एक key का इस्‍तेमाल किया जाता है, और जिनके पास वह key होती हैं, वही इसे ओपन कर सकते हैं।

एन्क्रिप्शन key एल्गोरिदम का कलेक्‍शन है, जो इसे पूरी तरह से युनिक बनाते है।

यह key, डेटा को स्क्रैम्बल और अनस्क्रैम्बल करने के लिए सक्षम होती हैं, अनिवार्य रूप से इनफॉर्मेशन को अनलॉक करने और इसे फिर से पढ़ा जा सकने योग्य बनाने के लिए।

आम तौर पर, वह व्यक्ति जो डेटा को एन्क्रिप्ट करता है, वह एक key को प्रोसेस करता हैं जो डेटा को लॉक करती हैं और डेटा को सही लोगों को पास करती हैं, जिनके पास इसका एक्‍सेस हैं। इस प्रोसेस को Public-Key Cryptography कहां जाता हैं।

Encryption एक प्रोसेस हैं, जिसमें इनफॉर्मेशन को एल्गोरिथम का उपयोग कर अनधिकृत यूजर्स के लिए अनरिडेबल बनाया जाता हैं। यह cryptographic मेथड सेंसिटिव डेटा को प्रोटेक्‍ट करती हैं, जैसे कि क्रेडिट कार्ड नंबर को एन्कोडिंग और इनफॉर्मेशन को अनरिडेबल सिफर टेक्स्ट में बदलकर।

यह एन्कोडेड डेटा केवल डिक्रिप्टेड या key से ही रिड किया जा सकता है। Symmetric-key और asymmetric-key यह दो प्राइमरी टाइप के एन्क्रिप्शन हैं।

Encryption इनफॉर्मेशन को सुनिश्चित और विश्वसनीय डिलेवरी के आवश्यक हैं।

एन्क्रिप्शन क्या है?

Encryption Kya Hai

एन्क्रिप्शन वह मेथड है जिसके द्वारा इनफॉर्मेशन को गुप्त कोड में कन्‍वर्ट किया जाता है जो इनफॉर्मेशन के सही अर्थ को छिपाता है।

डेटा एन्क्रिप्शन का मतलब क्या है?

Data Encryption Meaning In Hindi

Data encryption किसी अन्य फॉर्म या कोड में डेटा को ट्रांसलेट करता है, ताकि केवल एक सिक्रेट key (औपचारिक रूप से decryption key कहा जाता है) या पासवर्ड के एक्‍सेस वाले लोग ही इसे पढ़ सकें। एन्क्रिप्ट किए गए डेटा को आमतौर पर ciphertext कहा जाता है, जबकि अनएन्क्रिप्टेड डेटा को plaintext कहा जाता है।

वर्तमान में, एन्क्रिप्शन ऑर्गनाइज़ेशन द्वारा उपयोग किए जाने वाले सबसे लोकप्रिय और प्रभावी डेटा सुरक्षा मेथड में से एक है। दो मुख्य प्रकार के डेटा एन्क्रिप्शन मौजूद हैं – asymmetric encryption, जिसे public-key encryption भी कहा जाता हैं और दूसरा टाइप symmetric encryption है।

डेटा एन्क्रिप्शन का उद्देश्य डिजिटल डेटा प्राइवेसी की रक्षा करना है क्योंकि यह कंप्यूटर सिस्टम पर स्‍टोर होता है और इंटरनेट या अन्य कंप्यूटर नेटवर्क का उपयोग करके ट्रांसमिट किया जाता है। पुराने डेटा एन्क्रिप्शन स्‍टैंडर्ड (DES) को आधुनिक एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम द्वारा बदल दिया गया है जो आईटी सिस्टम और कम्‍यूनिकेशन की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

एन्क्रिप्शन के तत्व कौन से हैं?

एक एन्क्रिप्शन सिस्टम के मुख्य घटक हैं: (1) Plaintext (एन्क्रिप्टेड मैसेज नहीं), (2) एन्क्रिप्शन एल्गोरिथम (एक सेफ के लिए लॉकिंग मैकेनिज्म की तरह काम करता है), (3) key (सेफ के कॉम्बिनेशन की तरह काम करता है), और (4 ) Ciphertext (एन्क्रिप्शन कुंजी द्वारा प्लेनटेक्स्ट मैसेज से निर्मित)।

एन्क्रिप्शन कितना सुरक्षित है?

एन्क्रिप्शन चुनिंदा उद्देश्यों के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है, लेकिन यह अपने आप में पर्याप्त नहीं है। यह आपके ईमेल को इंटरसेप्ट होने और पढ़ने से रोक सकता है, लेकिन यह आपके अकाउंट को फ़िशिंग द्वारा चोरी होने से नहीं रोक सकता है। एक एन्क्रिप्टेड कनेक्शन हैकर्स को बाहर रख सकता है, लेकिन यह आपको मैन्युअल रूप से मैलवेयर डाउनलोड करने से नहीं रोकता है। एन्क्रिप्शन दुर्भावनापूर्ण हाइपरलिंक्स पर क्लिक करने या अनजाने में आपके खातों को हमलों के लिए खुला छोड़ने से सुरक्षा नहीं करता है।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह आपकी गोपनीयता और डेटा को कम से कम सुरक्षित रखने में मददगार हो सकता है, लेकिन इंटरनेट सुरक्षा के लिए एक विविध दृष्टिकोण अक्सर सबसे अच्छा विकल्प होता है। सबसे बढ़कर, आपको अपने आप को (या अपने व्यवसाय को) सुरक्षित रखने के लिए अपनी भूमिका निभानी होगी और इसका अर्थ है कि यह जानना कि क्या देखना है और क्या टालना है।

एन्क्रिप्शन का सबसे मजबूत प्रकार क्या है?

AES-256, जिसकी कुंजी लंबाई 256 बिट्स है, सबसे बड़े बिट आकार का समर्थन करता है और वर्तमान कंप्यूटिंग शक्ति के आधार पर पाशविक बल द्वारा व्यावहारिक रूप से अटूट है, जिससे यह सबसे मजबूत एन्क्रिप्शन स्‍टैंडर्ड बन जाता है।

क्या सभी डेटा एन्क्रिप्ट किया जाना चाहिए?

औसत कंप्यूटर यूजर्स को वास्तव में सब कुछ एन्क्रिप्ट करने की आवश्यकता नहीं है। अधिक ऑपरेटिंग सिस्टम डिफ़ॉल्ट रूप से एन्क्रिप्शन सहित हैं, जो ठीक है। लेकिन, यदि आपका ऑपरेटिंग सिस्टम ऐसा नहीं करता है, तो संभवत: आपको थर्ड-पार्टी सॉफ़्टवेयर के साथ सब कुछ एन्क्रिप्ट करना प्रारंभ करने की आवश्यकता नहीं है।

एंड टू एंड एन्क्रिप्शन का मतलब क्या है?

End To End Encryption Meaning In Hindi

End-to-end encryption प्राइवेट और सुरक्षित रूप से ऑनलाइन कम्यूनिकेट करने का सबसे सुरक्षित तरीका है। वार्तालाप के दोनों एंड पर मैसेज एन्क्रिप्ट करके, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन किसी को भी प्राइवेट कम्युनिकेशन्स को पढ़ने से रोकता है।

जब आप किसी व्यक्ति को ईमेल या मैसेज भेजने के लिए E2EE का उपयोग करते हैं, तो नेटवर्क की निगरानी करने वाला कोई भी व्यक्ति आपके मैसेज के कंटेंट नहीं देख सकता है – न कि हैकर्स, न सरकार, और न ही कंपनी (जैसे प्रोटॉनमेल) जो आपके कम्युनिकेशन्स की सुविधा देती है।

यह उस एन्क्रिप्शन से अलग है जो ज्यादातर कंपनियां पहले से ही उपयोग करती हैं, जो केवल आपके डिवाइस और कंपनी के सर्वर के बीच ट्रांसमिट में डेटा की सुरक्षा करता है। उदाहरण के लिए, जब आप किसी ऐसी सर्विस का उपयोग करके एक ईमेल भेजते और प्राप्त करते हैं जो E2EE प्रदान नहीं करती है, जैसे कि जीमेल या हॉटमेल, तो कंपनी के पास आपके मैसेज के कंटेंट के एक्‍सेस की क्षमता है क्योंकि वे एन्क्रिप्शन कुंजी भी रखती हैं। E2EE इस संभावना को समाप्त करता है क्योंकि सर्विस प्रोवाइडर वास्तव में डिक्रिप्शन कुंजी के अधिकारी नहीं है। इस वजह से, E2EE स्‍टैंडर्ड एन्क्रिप्शन की तुलना में बहुत मजबूत है।

क्या एंड टू एंड एन्क्रिप्शन को हैक किया जा सकता है?

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन संचार की सुरक्षा के लिए स्वर्ण-मानक प्रदान करता है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड सिस्टम में, केवल वही लोग डेटा तक पहुंच सकते हैं जो प्रेषक और इच्छित प्राप्तकर्ता हैं – और कोई नहीं। न तो एकर और न ही अवांछित थर्ड पार्टी सर्वर पर एन्क्रिप्टेड डेटा तक पहुंच सकते हैं।

सुरक्षा व्यवसायी अक्सर बताते हैं कि सुरक्षा एक श्रृंखला है जो केवल सबसे कमजोर कड़ी जितनी मजबूत होती है। बुरे लोग आपके सिस्टम के सबसे कमजोर हिस्सों पर हमला करेंगे क्योंकि वे ऐसे हिस्से हैं जिनके आसानी से टूटने की संभावना है। यह देखते हुए कि सर्वर पर संग्रहीत होने पर डेटा सबसे कमजोर होता है, हैकर्स की तकनीक सर्वर तक पहुंच प्राप्त करने पर केंद्रित होती है। हालांकि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन संग्रहीत डेटा की सुरक्षा करता है। वास्तव में यह अपनी पूरी यात्रा में डेटा को सुरक्षित और संरक्षित करता है। जैसे, उपलब्ध डेटा सुरक्षा के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सबसे सुरक्षित विकल्प है।

एन्क्रिप्शन कैसे काम करता है?

How Does Encryption Work in Hindi?

एन्क्रिप्शन कैसे काम करता है?

व्यवहार में, जब आप एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सर्विस (उदाहरण के लिए व्हाट्सएप) का उपयोग करते हुए एक मैसेज भेजते हैं, तो यह सर्विस मैसेज को कोड में बदल देता है, इसे स्क्रैम्बल करता है और एन्क्रिप्शन key बनाता है। इसके बाद इस मैसेज को केवल सही प्राप्तकर्ता ही अनलॉक कर सकता है।

Digital encryption बेहद जटिल है और यही कारण है कि इसे क्रैक करने के लिए मुश्किल माना जाता है। इसकी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, हर बार जब दो स्मार्टफोन एक-दूसरे के साथ कम्‍यूनिकेशन करना शुरू करते हैं, एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम का एक नया सेट बनाया जाता है।

हो सकता है कि आपने end-to-end encryption के बारे में सुना हो, शायद आपको व्हाट्सएप पर एक नोटिफिकेशन प्राप्त हुई है कि वे अब इस प्रकार के एन्क्रिप्शन को सपोर्ट करते हैं।

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, एन्कोडिंग की प्रोसेस को रेफर करता है और कुछ इनफॉर्मेशन को स्क्रैम्बल किया जाता है इसलिए केवल सेंडर या रिसिवर ही इसे देख सकते है।

एन्क्रिप्शन किज एक जोड़ी के रूप में काम कर सकती है, एक किज इनफॉर्मेशन को लॉक करने के लिए और मल्‍टीपल (जो पास आउट होते है) एन्क्रिप्टेड इनफॉर्मेशन को अनलॉक करने के लिए।

End-To-End Encryption में, केवल सेंडर और रिसिवर ही इस इनफॉर्मेशन को अनलॉक और रिड कर सकते हैं। व्हाट्सएप में मैसेजेस एक सर्वर से पास होते हैं, लेकिन सर्वर इस मैसेज को रिड नहीं कर पाता।

ऊपर दिए गए इमेज से पता चलता है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन कैसे काम करता है, कैसे एक व्यक्ति दूसरे को मैसेज भेजता है।

तो यह अंत-टू-एंड एन्क्रिप्शन है, लेकिन अन्य तरीकों के बारे में क्या?

एन्क्रिप्शन कितने प्रकार के होते हैं?

Types Of Encryption In Hindi:

एन्क्रिप्शन के प्रकार:

एन्क्रिप्शन के दो मुख्य तरीके हैं जो किए जा सकते है: Symmetric और Asymmetric

जब हमने इन तरीकों पर पहले ही बात कर चुंके है, तो हम इन्‍हे अधिक डिटेल में जानेंगे।

1) Symmetric Encryption In Hindi:

Symmetric Encryption In Hindi

Symmetric Encryption में एन्क्रिप्ट और डिक्रिप्टिंग दोनों के लिए एक ही key (दोनों किज एक समान होती हैं) का इस्‍तेमाल होता हैं।

इसका मतलब कि दो या अधिक पार्टीज को एक ही key से एक्‍सेस होता हैं, जो कुछ के लिए एक बड़ा ड्रॉबैक है, भले ही मैथमेटिकल एल्गोरिथ्म डेटा को इस तरह से प्रोटेक्‍ट करते हैं कि इसे क्रैक करना बहुत अधिक असंभव है।

2) Asymmetric Encryption In Hindi:

Symmetric Encryption In Hindi

इसके विपरीत, Asymmetric Encryption मेथड में keys की एक जोड़ी का उपयोग किया जाता हैं: एक डेटा एन्क्रिप्ट करने और दूसरी डिक्रिप्ट करने के लिए।

Private key को ओनर द्वारा सिक्रेट रखा जाता है और public key को अधिकृत प्राप्तकर्ताओं के साथ शेयर किया जाता है या बड़े पैमाने पर जनता को उपलब्ध कराया जाता है।

केवल वही व्‍यक्‍ती जिसके पास कि यह Private key इसके public key से मैच करती हैं, वह डेटा को एक्‍सेस कर सकता हैं और इसे डिक्रिप्ट कर सकता हैं।

एन्क्रिप्शन के लाभ क्या हैं?

Benefits of Encryption in Hindi:

एन्क्रिप्शन के लाभ:

एन्क्रिप्शन का प्राथमिक उद्देश्य कंप्यूटर सिस्टम पर स्‍टोर डिजिटल डेटा की गोपनीयता की रक्षा करना है या इंटरनेट या किसी अन्य कंप्यूटर नेटवर्क के माध्यम से सुरक्षित ट्रांसमिट करना है।

1) Protect Data Completely:

पूरी तरह से डेटा को सुरक्षित रखें:

एक पूर्ण एन्क्रिप्शन सोल्‍यूशन बिज़नेस और उनके ओनर को मन की शांति प्रदान करता है, क्योंकि यह डेटा को प्रोटेक्‍ट करता है।

जब आर्गेनाईजेशन के नेटवर्क पर बाहर से डेटा एक्‍सेस करना अधिक कठिन बना सकता हैं, लेकिन नेटवर्क हैक होने पर केवल डेटा एन्क्रिप्शन ही उसे सेफ रख सकता हैं।

सही एन्क्रिप्शन सोल्‍युशन के साथ, आप हर दिन जान सकते हैं कि आपका डेटा सुरक्षित है और ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे हेकर्स आपके डेटा को अपने हाथ लगा सकते हैं।

2) Security Across Multiple Devices:

हाल के वर्षों में स्मार्टफोन और अन्य मोबाइल डिवाइसेस कि लोकप्रियता के साथ, कई कंपनियों ने स्‍टोर डेटा को संभावित चोरी से सुरक्षित रखने और इन डिवाइसेस से पास करने के लिए एक समाधान खोजने के लिए संघर्ष किया गया है।

सौभाग्य से, डेटा एन्क्रिप्शन सॉफ्टवेयर आपको यह सुनिश्चित करनें में मदद करता हैं कि किसी भी डिवाइस में सभी डेटा पूरी तरह से एन्क्रिप्ट किया गया हैं।

3) Move Data Securely:

ट्रांसपोर्ट प्रोसेस के दौरान डेटा सबसे कमजोर पहलुओं में से एक होता है। जबकि SSL/TLS डेटा के मोशन के लिए इंडस्‍ट्री स्‍टैंडर्ड है, इसमें आपके डेटा सिक्योरिटी के लिए कई नुकसान हैं। एक प्रभावी एन्क्रिप्शन सोल्‍युशन यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि डेटा मूव होते समय सुरक्षित हो। फ़ाइलें जो क्लाउड सिस्टम पर शेयर या अपलोड की जाती हैं, वह एन्क्रिप्‍ट होती हैं।

एन्क्रिप्शन पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कंप्यूटर में एन्क्रिप्शन क्या है?

डेटा एन्क्रिप्शन डेटा को दूसरे रूप, या कोड में ट्रांसलेट करता है, ताकि केवल सिक्रेट key (औपचारिक रूप से डिक्रिप्शन कुंजी कहा जाता है) या पासवर्ड तक पहुंच वाले लोग इसे पढ़ सकें। एन्क्रिप्टेड डेटा को आमतौर पर ciphertext कहा जाता है, जबकि अनएन्क्रिप्टेड डेटा को plaintext कहा जाता है।

एन्क्रिप्शन कैसे किया जाता है?

एन्क्रिप्शन डेटा (मैसेज या फ़ाइलें) को एन्कोड करने की एक विधि है ताकि केवल अधिकृत पक्ष ही उस डेटा को पढ़ या एक्सेस कर सकें। एन्क्रिप्शन भेजे जा रहे डेटा को खंगालने के लिए जटिल एल्गोरिदम का उपयोग करता है। एक बार प्राप्त होने के बाद, मैसेज के प्रणेता द्वारा प्रदान की गई कुंजी का उपयोग करके डेटा को डिक्रिप्ट किया जा सकता है। एन्क्रिप्शन तकनीक की प्रभावशीलता एल्गोरिथ्म की ताकत, कुंजी की लंबाई और चयनित एन्क्रिप्शन सिस्टम की उपयुक्तता से निर्धारित होती है।

क्या एक मजबूत एन्क्रिप्शन बनाता है?

एक एन्क्रिप्शन विधि जो अपनी क्रिप्टोग्राफ़िक कुंजी के रूप में बहुत बड़ी संख्या का उपयोग करती है। कुंजी जितनी बड़ी होगी, कोड को अवैध रूप से तोड़ने में उतना ही अधिक समय लगेगा। आज, 256 बिट्स को मजबूत एन्क्रिप्शन माना जाता है। जैसे-जैसे कंप्यूटर तेज होते जाते हैं, कुंजी की लंबाई बढ़ाई जानी चाहिए।

क्या एन्क्रिप्शन को हैक किया जा सकता है?

एन्क्रिप्टेड डेटा को हैक किया जा सकता है या पर्याप्त समय और कंप्यूटिंग संसाधनों के साथ डिक्रिप्ट किया जा सकता है, जिससे मूल सामग्री का पता चलता है। हैकर्स एन्क्रिप्शन से पहले या डिक्रिप्शन के बाद एन्क्रिप्शन कुंजी चुराना या डेटा इंटरसेप्ट करना पसंद करते हैं। एन्क्रिप्टेड डेटा को हैक करने का सबसे आम तरीका एक हमलावर की कुंजी का उपयोग करके एक एन्क्रिप्शन परत जोड़ना है।

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