विंडोज में “Program Files” और “Program Files (x86)” के बीच क्या डिफरेंस है?

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Difference Between Program Files And Program Files x86 In Hindi.

Difference Between Program Files And Program Files x86 In Hindiक्‍या आपने कभी सोचा कि 64-बिट विंडोज में दो Program Files फ़ोल्डर्स की आवश्यकता क्यों है?

2005 के बाद से, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के दो 32-बिट और 64-बिट वर्जन को ऑफर किया। यदि आपके पीसी पर Microsoft Windows का 64-बिट वर्जन हैं, तो आपको Program Files के दो अलग-अलग फ़ोल्डर्स दिखाई देंगे: पहला आपका नॉर्मल Program Files फ़ोल्डर और लास्‍ट में “(x86)” से खत्‍म होने वाला Program Files(X86) नाम का एक नया रहस्यपूर्ण फ़ोल्डर।

 

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लेकिन, यह जरूरी क्यों है? इन दो फ़ोल्डर्स के बीच डिफरेंस क्या है?

खैर, इन सवालों के जवाब देने के लिए, आपको यह समझना चाहिए कि 64-bit ऐप्‍लीकेशन को अलग तरीके से कम्पाइल्ड किया जाता है। 64-bit इंस्ट्रक्शंस वाले प्रोग्राम को 32-बिट CPU के साथ पीसी द्वारा रिड नहीं किया जा सकता है, लेकिन एक 32-बिट प्रोग्राम 64-बिट CPU द्वारा रिड किया जा सकता है।

मूल रूप से, Windows केवल 32-बिट ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में उपलब्ध था। विंडोज के 32-बिट वर्जन पर – यहां तक ​​कि आज के विंडोज 10 के 32-बिट वर्जन पर भी केवल एक C:\Program Files फ़ोल्डर होता हैं।

यह Program Files फ़ोल्डर रेकमेंडेड लोकेशन होता है जहां आपके द्वारा इंस्टॉल किए गए प्रोग्राम के एक्सेक्यूटेबल, डेटा, और अन्य फ़ाइलों को स्‍टोर किया जाता हैं। दूसरे शब्दों में, Program Files फ़ोल्डर में प्रोग्राम इंस्‍टॉल होते हैं।

Windows के 64-बिट वर्जन पर, 64-बिट ऐप्‍लीकेशन Program Files फ़ोल्डर में इंस्‍टॉल होते हैं। हालांकि, विंडोज़ का यह 64-बिट वर्जन 32-बिट प्रोग्राम्स को भी सपोर्ट करता हैं, और माइक्रोसॉफ्ट नहीं चाहता कि 32-बिट और 64-बिट सॉफ़्टवेयर एक ही जगह मिक्‍स हो जाए।

इसलिए, 32-बिट प्रोग्राम Program Files फ़ोल्डर के बजाय C: \ Program Files (x86) फ़ोल्डर में इंस्‍टॉल हो जाते हैं।

 

इन फ़ोल्डर्स में क्‍या स्‍टोर होता है?

सारांश में, Windows के 32-बिट वर्जन पर, आपके पीसी में सिर्फ “C: \ Program Files” फ़ोल्डर होता है। इसमें आपके सभी इंस्टॉल किए गए प्रोग्राम होते हैं, जो सभी 32-बिट हैं।

Windows के 64-बिट वर्जन पर, 64-बिट प्रोग्राम “C: \ Program Files” फ़ोल्डर में स्‍टोर होते हैं और 32-बिट प्रोग्राम “C: \ Program Files (x86)” फ़ोल्डर में स्‍टोर होते हैं।

 

वे दो फ़ोल्डर्स में क्यों विभाजित होते हैं?

जब भी आप 64-बिट सीपीयू वाले किसी कंप्यूटर पर कोई प्रोग्राम इंस्‍टॉल करते हैं, तो उसके फ़ोल्डर्स 64-बिट कंटेंट के लिए अभिप्रेत होते हैं। जब कोई 32-बिट प्रोग्राम 64-बिट कंटेंट का उपयोग करने की कोशिश करता है, तो इसमें कुछ प्रॉब्‍लम आती हैं।

विंडोज को स्मूथली रन करने के लिए इन दोनो को अलग-अलग रखना जरूरी है। क्‍योकि 32-बिट प्रोग्राम्स इस बात से अवगत नहीं होते कि विंडोज का 64-बिट वर्जन भी मौजूद है। इसी के कारण वे क्रॉस करते हैं, जिससे प्रॉब्‍लम आते है। इसलिए विंडोज उन्‍हे 64-बिट कोड से दूर रखता है।

उदाहरण के लिए, यदि कोई 32-बिट प्रोग्राम .dll की तलाश करता हैं और उसे एक .dll फ़ाइल मिल जाती हैं, जो एक x64 वर्जन कि हैं तो यह प्रोग्राम काम नहीं करेगा और यह नहीं जान पाएगा कि उसने काम क्यों नहीं किया। ऐसी समस्याओं से बचने का सबसे आसान तरीका है, उन्हें अलग-अलग फ़ोल्डर्स में रखना।

32-बिट प्रोग्राम्स, 64-बिट लाइब्रेरीज़ (DLL फ़ाइल) को लोड नहीं कर सकती हैं, इसलिए यदि वे 64-बिट कि DLL फ़ाइल को लोड करने की कोशिश करते हैं तो वे क्रैश हो सकते है। यही 64-बिट प्रोग्राम्स के लिए भी होता है।

अलग-अलग सीपीयू आर्किटेक्चर के लिए अलग-अलग प्रोग्राम फाइलों को रखने से ऐसे एरर को रोका जा सकता है।

उदाहरण के लिए, मान लें कि विंडोज में केवल एक ही Program Files फ़ोल्डर है। और आपने 32-बिट Microsoft Office इंस्‍टॉल किया हैं, तो यह अपनी DLL फ़ाइल को C: \ Program Files \ Microsoft Office में खोज करेगा। लेकिन यदि आपने 64-बिट Microsoft Office इंस्‍टॉल किया हैं तो यह DLL फ़ाइल को C:\Program Files (x86)\Microsoft Office में खोज करेगा जो उसे नहीं मिलेगी। इसी वजह से वह क्रैश हो सकता है या ठिक से काम नहीं करेंगा।

यह तब भी मदद करता है जब किसी डेवलपर ने 32-बिट और 64-बिट वर्जन के लिए अलग-अलग प्रोग्राम बनाए हैं और वे दोनो एक ही समय पर इंस्‍टॉल हो सकते हैं, जैसे एडोब फोटोशॉप के लैटेस्‍ट वर्जन।

इन प्रोग्राम्‍स के 32-बिट वर्जन आटोमेटिक C: \ Program Files (x86) में इंस्‍टॉल होते है, और 64-बिट वर्जन आटोमेटिक C: \ Program Files में इंस्‍टॉल होते है।

 

32-बिट फ़ोल्डर का नाम (x 86) क्यों है?

आपको हमेशा “32-bit” और “64-bit” नहीं दिखाई देगा। इसके बजाय, “x86” और “x64” यह दो अलग-अलग आर्किटेक्चर होंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि शुरुआती कंप्यूटर ने इंटेल 8086 चिप का इस्तेमाल किया था। यहां तक ​​कि जब 1980 के दशक के अंत में चिप्स 32-बिट हो गए, तब भी वे 8086 कोड और x86 मॉडल नंबर का उपयोग करते थे। तो नंबर 86 अब x64 के पहले के कोड को रेफर करता है, चाहे वह 16- या 32-bit हो, हालांकि 16-बिट x86 कोड विंडोज के 64-बिट वर्जन में रन नहीं होता।

नए 64-bit आर्किटेक्चर को इसके बजाय “x64” कहा जाता है।

यही Program Files (x86) का मतलब है। यह पुराने x86 सीपीयू आर्किटेक्चर का उपयोग कर रहे प्रोग्राम के लिए Program Files फ़ोल्डर है।

 

आम तौर से आप पर कोई फर्क नहीं पड़ता कि प्रोग्राम फ़ाइलें Program Files या Program Files (x86) में से कहां पर स्‍टोर हो रही हैं। विंडोज़ आटोमेटिकली ही प्रोग्राम को सही फ़ोल्डर में इंस्‍टॉल करता है, इसलिए आपको इसके बारे में सोचना नहीं पड़ता।

यह सभी प्रोग्राम्‍स स्टार्ट मेनू में दिखाई देते हैं और सामान्य रूप से कार्य करते हैं, चाहे वे कहीं भी इंस्‍टॉल हों।

जब आप कोई प्रोग्राम इंस्‍टॉल करने जाएंगे, तो अपने प्रोग्राम को आटोमेटिक तय करने दे कि वह कहां पर इंस्‍टॉल होना चाहता हैं।

 

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