DBMS क्या हैं? यह कैसे काम करता हैं और इसके Advantages और Disadvantages क्या हैं?

Database Management System DBMS Hindi.

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DBMS Full Form:

Full Form of DBMS is –

Database Management System

DBMS Meaning in Hindi:

DBMS का मतलब –

Database Management System हैं

 

Database in Hindi:

Database,एक संबंधित डेटा का कलेक्‍शन है जिसे इस तरह से ऑर्गेनाइज किया जाता हैं कि उसे आसानी से एक्सेस, मैनेज और अपडेट किया जा सकता है।

अधिकांश डेटाबेस में कई टेबल होते हैं, जिनमें से प्रत्येक में कई अलग-अलग फ़ील्ड शामिल हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी कंपनी के डेटाबेस में प्रॉडक्‍ट, एम्‍प्‍लॉइज, और फाइनेंशियल रिकॉर्ड के लिए टेबल शामिल हो सकते हैं। इनमें से प्रत्येक टेबल में अलग-अलग फ़ील्ड होते हैं, जो टेबल में स्‍टोर इनफॉर्मेशन से संबंधित होती हैं।

इनफॉर्मेशन का कोई भी हिस्सा एक डेटा हो सकता है। उदाहरण के लिए आपके स्कूल या कॉलेज का डेटाबेस। डाटाबेस वास्तव में एक ऐसा स्थान है जहां संबंधित जानकारी स्‍टोर होती है और उस पर विभिन्न ऑपरेशन भी कीए जा सकते हैं।

 

What is Database Management System – DBMS in Hindi:

डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम- डीबीएमएस क्या है:

Database Management System (DBMS) मूल रूप से प्रोग्राम्‍स का का एक कलेक्‍शन है जो यूजर्स को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार एक डेटाबेस से इनफॉर्मेशन को स्‍टोर, मॉडिफाइ और एक्‍सट्रैक्‍ट करने में सक्षम बनाता है।

DBMS, प्रोग्राम्‍स और डेटा के बीच कि एक लेयर है। प्रोग्राम्‍स DBMS को एक्‍सेस करते हैं, जो बाद में डेटा को एक्सेस करते हैं।

छोटे सिस्टम से लेकर विभिन्न प्रकार के DBMS हैं जो कि पर्सनल कंप्यूटरों से मेनफ्रेम जैसे विशाल सिस्टम पर रन होते हैं।

जनरल-पर्पज DBMS डेटाबेस की डेफिनेशन, क्रिएशन, क्‍वेरी, अपडेट और एडमिनिस्‍ट्रेशन की अनुमति देता है। प्रसिद्ध DBMS में MySQL, PostgreSQL, EnterpriseDB, MongoDB, MariaDB, Microsoft SQL Server, Oracle, Sybase, SAP HANA, MemSQL, SQLite और IBM DB2 शामिल हैं।

ये सिस्टम, यूजर्स को उनके डेटाबेस को क्रिएट, अपडेट और इनफॉर्मेशन को एक्‍सट्रैक्‍ट करने की अनुमति देते हैं।

एक मैनुअल फाइलिंग सिस्टम की तुलना में, कम्प्यूटरीकृत डेटाबेस सिस्टम का सबसे बड़ा लाभ स्‍पीड, एक्‍युरेसी और ‘एक्‍सेस’ है।

लगभग सभी ई-कॉमर्स साइट, उनके प्रॉडक्‍ट कि इन्वेंट्री और कस्‍टमर्स इनफॉर्मेशन को स्टोर करने के लिए डेटाबेस का उपयोग करते है। ये साइटें Database Management System (DBMS) का उपयोग करती हैं, जैसे कि Microsoft Access, FileMaker Pro, या MySQL को वेबसाइट पर “बैक एंड” के रूप में इस्‍तेमाल करती हैं।

डाटाबेस में वेबसाइट के डेटा को स्टोर करने से, डेटा को आसानी से सर्च किया जा सकता है, सॉर्ट किया जा सकता है, और अपडेट किया जा सकता है। यह लचीलापन ई-कॉमर्स साइटों और अन्य प्रकार की डायनामिक वेबसाइटों के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रारंभिक डेटाबेस अपेक्षाकृत “फ्लैट” थे, जिसका अर्थ है कि वे सिंपल रो और कॉलम तक ही सीमित थे, जैसे कि एक स्प्रैडशीट।

हालांकि, आज के रिलेशन डेटाबेस, यूजर्स को विभिन्न टेबल में स्‍टोर डेटा के संबंध के आधार पर इनफॉर्मेशन का उपयोग, अपडेट और सर्च करने की अनुमति देते हैं।

रिलेशनल डेटाबेस क्वेरी रन सकते हैं, जिनमें कई डेटाबेस शामिल हो सकते हैं। हालांकि प्रारंभिक डाटा केवल टेक्‍स्‍ट या न्यूमेरिक डेटा स्‍टोर कर सकते थे, आधुनिक डेटाबेस में यूजर्स अन्य डेटा टाइप जैसे साउंड क्लिप, पिक्‍चर, और वीडियो को स्टोर कर सकते हैं।

DBMS संभवत: डेटा के सेंट्रलाइज्ड व्‍यू प्रदान करने के लिए सबसे उपयोगी होता है जिसे मल्‍टीपल यूजर्स द्वारा, मल्‍टीपल लोकेशन से एक्‍सेस किया जाता है।

DBMS, एंड यूजर्स कौनसे डेटा को देख सकता हैं, साथ ही साथ वह कैसे देख सकता हैं ऐसी कई बातों को सीमित कर सकता हैं।

एंड यूजर और सॉफ़्टवेयर प्रोग्राम यह समझने के लिए फ्री हैं कि डेटा फिजिकली कहां पर लोकेटेड है या किस प्रकार के स्‍टोरेज मीडिया पर स्‍टोर है, क्योंकि DBMS सभी रिक्‍वेस्‍ट को हैंडल करता है।

DBMS लॉजिकल और फिजिकल दोनों डेटा इंडिपेंडेंस को हैंडल कर सकता है। इसका मतलब यह है कि यह यूजर्स और एप्लिकेशन को यह जानने से रोकता हैं कि डेटा कहां डेटा स्‍टोर है या डेटा के फिजिक स्ट्रक्चर (स्‍टोरेज और हार्डवेयर) में परिवर्तन के बारे में चिंतित होने से भी रोकता है।

जब तक प्रोग्राम DBMS द्वारा प्रोवाइड किए गए डेटाबेस के लिए Application Programming Interface (API) का उपयोग करते हैं, तब तक डेवलपर्स को प्रोग्राम को मॉडिफाइ नहीं करना पड़ेगा क्योंकि डेटाबेस में चेंजेस किए गए हैं।

 

Types of Database Management Systems in Hindi:

Database Management Systems के चार स्ट्रक्चरल टाइप हैं-

 

1) Hierarchical Databases (DBMS):

Hierarchical Database Management Systems पैरेंटस्-चाइल्‍ड की तरह मॉडल पर काम करते हैं।

यह बहुत फास्‍ट और सरल है। Hierarchical Database में, ट्री स्ट्रक्चर कि तरह पैरेंटस्/चाइल्‍ड रिलेशनशिप के ग्रुप कि इनफॉर्मेशन के रिकॉर्डस् होती हैं।

स्ट्रक्चर का अर्थ है कि एक रिकॉर्ड में एक दोहराई जाने वाली इनफॉर्मेशन भी हो सकती है। इस संरचना में, स्ट्रक्चर्ड डेटा रिकॉर्डस् कि एक सिरिज को फॉलो करता हैं, यह फ़ील्ड वैल्यू का एक सेट है जो उससे अटैच होता हैं। यह रिकॉर्ड टाइप के रूप में सभी रिकॉर्ड एकत्र करता है। ये रिकॉर्ड टाइप रिलेशनल मॉडल में टेबल के बराबर हैं, और अलग-अलग रिकॉर्ड्स रो के बराबर होते हैं। इन रिकॉर्ड प्रकारों के बीच लिंक बनाने के लिए, hierarchical मॉडल इन प्रकार के Relationships का उपयोग करता है।

ये सामान्य रूप से एक से अनेक त‍क कि रिलेशनशिप होती हैं और यह आइटम डिस्‍क्राइबिंग ऐट्रिब्यूट्स, फीचर जैसे डेटा को स्‍टोर करने के लिए अच्‍छा हैं।

उनका उपयोग गानों, व्यंजनों, फोन के मॉडल और किसी भी चीज के डेटाबेस को स्टोर करने के लिए भी किया जा सकता है जो नेस्टेड फॉर्मेट में स्‍टोर किया जा सकता है।

 

2) Network Database:

Network Database Management System हाइराक्रिकल डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम के समान एक डेटा मॉडल का उपयोग करती है। यहां मुख्य अंतर यह है कि नेटवर्क मॉडलों में ट्री स्ट्रक्चर में कई चाइल्‍ड रिलेशनल मॉडल के लिए कई पैरेंटस् हो सकते हैं।

Network model structure रिकॉर्ड और सेटस् पर आधारित होता है और इनमें से अधिकांश डेटाबेस SQL ​को मैनीपुलेशन के लिए उपयोग करते हैं।

नेटवर्क डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम बहुत फ्लेक्सिबल हैं लेकिन 1960 और 1970 के दशक में इसे शायद ही कभी इस्‍तेमाल किया जाता था।

इस मॉडल में किसी आइटम को सर्च करने के लिए पूरे डेटा सेट को पार करने के लिए प्रोग्राम की आवश्यकता होती है जो कि काफी भारी होता है। इन्हें मुख्य रूप से आज के आधुनिक कंप्यूटिंग में रिलेशनल डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम द्वारा बदल दिया गया है।

 

3) Object-oriented Database Management Systems:

Object-Oriented Database Management Systems ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग के मॉडल से मिसाल के तौर पर उधार लिया हैं।

ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड डेटाबेस मॉडल में विविध स्ट्रक्चर्स होते हैं और यह काफी एक्स्टेंसिबल है।

यह डेटा मॉडल बिल्‍ट-इन ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैग्‍वेज के प्रोग्राम्‍स के साथ मिलकर काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इस मॉडल के साथ, डेटा को नेटिव कोड के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इस डेटाबेस का मॉडल थोड़ा कमर्शियल इम्प्लीमेंटेशन है क्योंकि यह अभी भी डेवलप हो रहा है।

 

4) Relational Databases:

Relational Database Management Systems आज का सबसे व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम है।

वे प्रयोग करने में अपेक्षाकृत आसान हैं। रिलेशनल डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम को यह नाम डेटा को नॉर्मलाइज़ करने की विशेषता के कारण दिया गया जो आम तौर पर टेबल में स्‍टोर होता है।

डेटा एक ही टेबल या अन्य टेबल्‍स में अन्य डेटा से रिलेटेड हो सकता है, जिसे एक या अधिक टेबल्‍स को जॉइन कर ठिक से मैनेज किया जाता हैं।

रिलेशन मॉडल अन्य मॉडलों की तुलना में कुछ कम कुशल हो सकते हैं; हालांकि, इससे मॉडर्न कंप्यूटरों में प्रोसेसिंग पॉवर और मेमोरी के साथ कोई समस्या नहीं हो सकती।

इस प्रकार के मॉडल में डेटा तय पूर्वनिर्धारित स्ट्रक्चर में स्‍टोर होता है और आमतौर पर Structured Query Language (SQL) का उपयोग करके मनिपूलेट किया जाता है। रिलेशनल डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम में Oracle, Ms SQLServer, IBM DB2, MySQL, SQLite और PostgreSQL अन्‍य के साथ शामिल हैं।

 

Advantages of Database Management System (DBMS) in Hindi:

डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (डीबीएमएस) के फायदे

 

i) बेहतर डेटा शेयरिंग:

DBMS का मुख्य लाभ यह है कि इससे एक ऐसे एनवायरनमेंट का निर्माण करने में सहायता मिलती है जिसमें एंड यूजर को और अधिक और स्ट्रक्चर्ड डेटा का एक्‍सेस होता है।

यह स्ट्रक्चर्ड और आसान एक्‍सेस एंड यूजर्स को तुरंत रिस्‍पॉंड करने में मदद मिलती हैं।

 

ii) बेहतर डेटा सुरक्षा:

आसान एक्‍सेस डेटा सेक्‍युरिटी के लिए अधिक जोखिम पैदा करता है। बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कॉरपोरेशन काफी पैसा, समय और प्रयास को इन्वेस्ट करते है। DBMS पॉलिसिस और डेटा प्राइवेसी के बेहतर इम्प्लीमेंटेशन के लिए एक फ्रेमवर्क प्रोवाइड करता है।

 

iii) बेहतर डेटा इंटीग्रेशन:

अच्छी तरह से स्ट्रक्चर्ड डेटा ऑर्गेनाइजेशन ऑपरेशन और रिचर्स व्‍यू दोनो को कंबाइन व्‍यू प्रमोट करता हैं। यह एक सेगमेंट का कंपनी के अन्‍य सेगमेंट पर इफेक्‍ट को देखना आसान बनाता हैं।

 

iv) कम से कम डेटा इन्कन्सीस्टेंसी:

विभिन्न स्थानों में एक समान डेटा के विभिन्‍न् वर्जन के कारण डेटा इन्कन्सीस्टेंसी होती हैं। DBMS ठिक से डिजाइन किए डेटाबेस के कारण डेटा इन्कन्सीस्टेंसी में कमी आती हैं।

 

v) बेहतर निर्णय लेने में मदद:

इम्प्रूव्ड और बेहतर-मैनेज किया डेटा, बेहतर क्‍वालिटी की इनफॉर्मेशन जनरेट करना संभव बनाता है जो बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

 

vi) एंड यूजर्स कि प्रॉडक्टिवीटी में बढ़ोतरी:

आसान एक्‍सेस और डेटा की उपलब्धता, साथ ही उपयोगी जानकारी में डेटा कन्वर्ट करने वाले टूल के साथ एंड यूजर्स को फैसले करने के लिए अनुमति देता है।

 

Disadvantage of Database Management System (DBMS)

डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम का नुकसान (डीबीएमएस)

यद्यपि डेटाबेस सिस्टम महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त करता है, लेकिन इस डेटाबेस सिस्टम के काफी डिसएडवांटेज भी हैं।

 

i) बढ़ती लागत

DBMS का यह एक डिसएडवांटेज हैं कि इसके लिए सोफिस्टिकेटेड हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और अत्यधिक स्‍कील कर्मियों की आवश्यकता होती है। इन आवश्यकताओं को बनाए रखने के लिए DBMS  को मैनेज करने की लागत बढ़ जाती हैं।

 

ii) मैनेजमेंट की जटिलता:

कई अलग-अलग टेक्नोलॉजीज के साथ डेटाबेस सिस्टम इंटरफेस और कंपनी के रिसोर्सेस और कल्‍चर पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। एक डेटाबेस सिस्‍टम को अपनाने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वे कंपनी के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में मदद करें।

 

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