Data Communication Hindi में! डेटा कम्यूनिकेशन क्या हैं?

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Data Communication in Hindi

Communication केवल एक लोकेशन से दूसरे लोकेशन पर इनफॉर्मेशन को ट्रांसफर करने का कार्य है।

हालांकि यह एक सरल परिभाषा है, लेकिन जब हम इस बारे में सोचते हैं कि कैसे कम्यूनिकेट कर सकते हैं तो यह बहुत अधिक कॉम्‍प्‍लेक्‍स् हो जाता है।

कम्युनिकेशन की विभिन्न कटैगरीज हैं और वे किसी भी समय एक से अधिक हो सकती हैं।

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क्योंकि जहां विभिन्न प्रकार के कम्युनिकेशन और अलग-अलग संदर्भ और सेटिंग्स होती है, वहां इस शब्द की कई डेफिनेशन हैं।

लेकिन, चूंकि यह साइट आईटी से संबंधित है, यहां हम डेटा कम्युनिकेशन के बारे में ही बात करेंगे।

What is Data Communication in Hindi?

Data Communication Hindi

डेटा कम्युनिकेशन क्या है?

Communication In Hindi. डेटा कम्युनिकेशन, ट्रांसमिशन मेडियम के माध्‍यम से दो डिवाइसेस के बीच डेटा का एक्‍सचेंज (O और 1 कि फॉर्म में) हैं।

नेटवर्किंग में कंप्यूटिंग डिवाइसेस के बीच फिजिकल कनेक्शन केबल मीडिया या वायरलेस मीडिया के माध्यम से स्थापित किया जाता है।

कंप्यूटर नेटवर्क का सबसे अच्‍छा उदाहरण इंटरनेट है।

कंप्यूटर का उपयोग, इनफॉर्मेशन को उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। यह उत्पन्न कि गई इनफॉर्मेशन अपने आप में उपयोगी नहीं है। यह इनफॉर्मेशन सही समय पर सही व्यक्ति को दी जानी चाहिए। अक्सर इनफॉर्मेशन को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसमिट किया जाना चाहिए। इस प्रोसेस को Data Communication कहा जाता है।

यहां, हम डेटा कम्युनिकेशन में उपयोग किए गए हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर और प्रोसेस कि बात करेंगे।

Data communication एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट पर डेटा ट्रांसपोर्टिंग की एक्टिव प्रोसेस है। नेटवर्क एक कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम हैं, जिन्‍हे इनफॉर्मेशन को एक ओरिजिन पॉइंट से डेस्टिनेशन पॉइंट तक इनफॉर्मेशन भेजने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

ध्यान दें कि वे कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम हैं, कंप्यूटर सिस्टम नहीं।

एक डेटा कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम डेटा ट्रांसमिशन सर्किट के माध्यम से रिमोट लोकेशन से डेटा एकत्र कर सकती है, और फिर प्रोसेस किए गए रिजल्‍ट को रिमोट लोकेशन पर आउटपुट कर सकती है।

विभिन्न डेटा कम्‍युनिकेशन तकनीकें जो वर्तमान में व्यापक रूप से उपयोग में हैं, धीरे-धीरे या तो पहले से मौजूद डेटा कम्‍युनिकेशन तकनीकों में सुधार करने के लिए विकसित हुईं या उन्हें बेहतर विकल्पों और सुविधाओं के साथ बदलने के लिए विकसित हुईं। फिर, कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम के चयन के दौरान बॉड दर, मोडेम, राउटर, LAN, WAN, TCP/IP, ISDN जैसे संघर्ष करने के लिए डेटा कम्‍युनिकेशन शब्दजाल हैं। इसलिए, इन टर्म और डेटा कम्‍युनिकेशन मेथड के क्रमिक विकास की समीक्षा करना और समझना आवश्यक हो जाता है।

डेटा कम्‍युनिकेशन के पीछे मूलभूत उद्देश्य क्या है?

What Is The Fundamental Purpose Behind Data Communication?

डेटा कम्‍युनिकेशन का उद्देश्य दो पॉइंट के बीच इनफॉर्मेशन का आदान-प्रदान करना है।

डेटा कम्युनिकेशन के कितने प्रकार हैं?

Types of data Communication in Hindi:

डेटा कम्युनिकेशन के प्रकार

आम तौर पर डेटा कम्युनिकेशन के दो टाइप माने जाता है-

  1. Local – लोकल एरिया नेटवर्क के रूप में,जो एक छोटे एरिया को कवर करता हैं और इसमें सीमित, कम युजर्स कि संख्‍या होती हैं।
  2. Global – यह लंबी दूरी को कवर करता है और इसमें अनलिमिटेड यूजर्स संख्या होती है।

डेटा कम्युनिकेशन के प्रकार बैंडविड्थ के आधार पर

Bandwidth एक टर्म हैं जिसे कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम कि डेटा-हैंडलिंग कैपेसिटी को डिस्‍क्राइब करने के लिए इस्‍तेमाल किया जाता हैं।

बैंडविड्थ फ़्रिक्वेंसी की रेंज है जो डेटा ट्रांसमिशन के लिए उपलब्ध है।

  1. Narrowband: नैरोबैंड बैंड कम डेटा वॉल्‍यूम को हैंडल करता है। डाटा ट्रांसमिशन रेट 45 से लेकर 300 बॉड तक होता हैं। Narrowband कम्‍युनिकेशन के लिए कम स्‍पीड वाले डिवाइस का उपयोग किया जाता हैं।
  2. Voiceband: वॉयसबैंड 300 और 9600 बॉड के बीच मध्यम डेटा ट्रांसमिशन वॉल्यूम को हैंडल करता है। इनका मुख्य उपयोग टेलीफोन वॉइस कम्‍युनिकेशन के लिए किया जाता हैं, इसलिए इसे वॉयसबैंड कहते हैं।
  3. Broadband: ब्रॉडबैंड बहुत बड़े डेटा वॉल्‍यम को हैंडल करता है। इनका डेटा ट्रांसमिशन रेट 1 मिलियन बॉड या इससे अधिक होता हैं। हाई स्‍पीड डेटा एनेलिसिस और सैटैलाइट कम्‍युनिकेशन, ब्रॉडबैंड कम्‍युनिकेशन के उदाहरण हैं।

डेटा कम्युनिकेशन की इफेक्टिवनेस के क्या कैरेक्टरिस्टिक हैं?

Characteristics For Effectiveness Of Data Communication:

डेटा कम्युनिकेशन सिस्‍टम का इफेक्टिवनेस तीन कैरेक्टरिस्टिक पर निर्भर करती है

  1. Delivery: सिस्टम को सही डेस्टिनेशन पर डेटा को डिस्ट्रीब्यूट करना चाहिए। यह डेटा अभिप्रेत डिवाइस या यूजर को ही प्राप्‍त होना चाहिए।
  2. Accuracy: सिस्टम को सही ढंग से डेटा डिलीवर करना चाहिए। यदि डेटा को ट्रांसमिशन में बदल दिया गया तो वह अनुपयोगी है।
  3. Timeliness: सिस्टम को समय पर डेटा डिलीवर करना चाहिए। देर से डिलीवर किया गया डेटा बेकार है। वीडियो, ऑडियो और वॉयस डेटा के मामले में, समय पर डिलीवर करने का मतलब है डेटा जैसे डेटा प्रोडयुस किया जाता हैं वही ऑर्डर में डिस्‍ट्रीब्‍यूट, और बिना देरी के।

डेटा कम्युनिकेशन में कितने कंपोनेंट होते हैं?

Components Of Data Communication In Hindi:

जब डेटा एक जगह से दूसरी जगह तक ट्रांसमिट होता हैं, तो उसके मुख्‍य पांच कंपोनेंट्स होते हैं –

Data Communication Hindi
  • Transmitter: ट्रांसमीटर डिवाइस मैसेज भेजता है। यह एक कंप्यूटर, वर्कस्टेशन, टेलिफोन हैंडसेट, वीडियो कैमरा और कुछ भी हो सकता है।
  • Receiver:रिसीवर ट्रांसमीटर द्वारा भेजे गए मैसेज को रिसिव करता है। यह भी एक कंप्यूटर, वर्कस्टेशन, टेलिफोन हैंडसेट, टेलीविज़न, और कुछ भी हो सकता है।
  • Message: मैसेज एक ट्रांसमिशन (डेटा) है जिसे कम्‍युनिकेट किया जाना है। इसमें टेक्‍स्‍ट, नंबर्स, इमेज, साउंड, या वीडियो या कुछ भी हो सकते हैं।
  • Medium: ट्रांसमिशन मेडियम एक फिजिकल पाथ है जिसके द्वारा मैसेज सेंडर से रिसीवर तक जाता है। इसमें ट्विस्टेड पेयर वायर, कोएक्सिअल केबल, फाइबर ऑप्टिक केबल, लेजर या रेडियो वेव (स्थलीय या सैटेलाइट माइक्रोवेव) हो सकता हैं।
  • Protocol: प्रोटोकॉल नियमों का एक ग्रुप है जो डेटा कम्युनिकेशन को कंट्रोल करता है। यह कम्युनिकेशन डिवाइसेस के बीच एक एग्रीमेंट को रिप्रेसेंट है। प्रोटोकॉल के बिना, दो डिवाइस कनेक्ट किए जा सकते हैं, लेकिन कम्युनिकेशन नहीं कर सकते, जैसे जापानी समझने वाले व्यक्ति को हिंदी भाषा समझ में नहीं आएगी।

डेटा कम्‍युनिकेशन में कौन से डिवाइसेस होते हैं?

Communication Media in Hindi:

निम्न प्रमुख कम्‍युनिकेशन डिवाइसेस हैं जिनका उपयोग अक्सर किया जाता है:

1) Wired Media:

i. Wire Pairs:

वायर पेयर्स सामान्यतः लोकल टेलीफोन कम्‍युनिकेशन में और कम दूरी के डिजिटल डाटा कम्‍युनिकेशन के लिए उपयोग कीए जाते हैं।

वे आम तौर पर कॉपर से बने होते हैं। इन वायर पेयर्स से डेटा ट्रांसमिशन स्‍पीड सामान्यतः 100 मीटर की दूरी पर 9600 बिट प्रति सेकंड है।

ii. Twisted pair:

Twisted pair वायर टेलीकम्यूनिकेशन के लिए सबसे व्यापक रूप से प्रयोग किया जाने वाला मेडियम है।

Twisted pair केबलिंग में कॉपर के तार होते हैं जो पेयर्स में ट्विस्टेड होते हैं। साधारण टेलीफोन वायर में दो ट्विस्टेड पेयर इंसुलेटेड कॉपर वायर शामिल होते हैं।

कंप्यूटर नेटवर्किंग केबलिंग (IEEE 802.3 द्वारा डिफाइन वायर्ड ईथरनेट) में कॉपर केबलिंग के 4 पेयर्स होते हैं, जिन्‍हे साउंड और डाटा ट्रांसमिशन दोनों के लिए उपयोग किया जा सकता है। दो वायर को ट्विस्टेड करने से क्रॉसटॉक और इलेक्‍ट्रोमैग्‍नेटिक इंडक्‍शन को कम करने में मदद मिलती है।

ट्रांसमिशन स्‍पीड कि रेंज 2 मिलियन बिट प्रति सेकंड से 10 अरब बिट प्रति सेकंड होती है।

iii. Coaxial cable:

कोएक्सिअल केबल को केबल टेलिविजन सिस्टम, आफिस बिल्‍डींग और अन्‍य लोकेल एरिया नेटवर्क साइट के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

इस केबल में इंसुलेटिंग लेयर में तांबे या एल्यूमीनियम तार शामिल होते हैं। इन्सुलेशन का यह लेयर इंटरफेयरेंस और डिस्‍टॉर्शन को कम करने में मदद करता हैं।

ट्रांसमिशन की स्‍पीड 200 मिलियन से लेकर 500 मिलियन बिट प्रति सेकंड तक होती है।

iv. Optical fiber:

ऑप्टिकल फाइबर केबल में एक या अधिक ग्‍लास फाइबर फिलामेंट हाते हैं, जो प्रोटेक्टिव लेयर से लिपटे होते हैं। वे डेटा को लाइट के पल्स के माध्‍यम से ट्रांसमिट करते हैं। वे लाइट ट्रांसमिट करते हैं, जो लंबी दूरी तक ट्रैवल कर सकते हैं।

फाइबर ऑप्टिक केबल इलेक्‍ट्रोमैग्‍नेटिक रेडिएशन से प्रभावित नहीं हाते। इनका ट्रांसमिशन स्‍पीड बिलियन प्रति बिट की हो सकता है। फाइबर ऑप्टिक्स की ट्रांसमिशन स्‍पीड twisted-pair केबल्स की तुलना में सैकड़ों गुना तेज है।

Wireless Technologies:

i) Terrestrial microwave:

Terrestrial माइक्रोवेव पृथ्वी के ट्रांसमीटर और रिसीवर का उपयोग करते हैं। यह उपकरण उपग्रह डिश के समान दिखता है। Terrestrial microwaves कम गिगाहर्ट्ज़ रेंज का उपयोग करते हैं।

रिले स्टेशनों के बीच का डिस्‍टेंस लगभग 48 किमी (30 मील) हो सकता हैं।

माइक्रोवेव एंटेना आमतौर पर इमारतों, टॉवर, पहाड़ियों, और पर्वत चोटियों के पर होते हैं।

ii) Communications satellites:

सैटैलाइट माइक्रोवेव रेडियो सिग्‍नल का उपयोग उनके टेलिकम्‍यूनिकेशन माध्यम के रूप में करते हैं।

उपग्रहों अंतरिक्ष में होते हैं, आमतौर पर 35,400 किमी (22,000 मील) भूमध्य रेखा से ऊपर। ये साउंड, डेटा, और टीवी सिग्‍नल को प्राप्त करने और रिले करने में सक्षम होते हैं।

डेटा ट्रांसमिशन मोड क्या हैं?

What is Data Transmission Modes in Hindi

निचें दिए गए अनुसार डेटा को एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट पर ट्रांसमिशन करने के तीन तरीके हैं

Data Communication Hindi

1. Simplex :

Simplex मोड में कम्‍युनिकेशन एक ही दिशा में हो सकता है। रिसीवर ट्रांसमिटिंग डिवाइस से सिग्नल प्राप्त करता है।

2. Half-duplex :

Half-duplex मोड में कम्‍युनिकेशन दोनों दिशाओं में होता है, लेकिन एक समय में केवल एक ही दिशा में।

3. Full-duplex :

Full-duplex मोड में कम्‍युनिकेशन एक ही समय में दोनों दिशाओं में होता जाता है।

इस मोड का उदाहरण टेलीफोन लाइन है।

डेटा कम्‍युनिकेशन पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डेटा कम्‍युनिकेशन से आप क्या समझते हैं?

डेटा कम्‍युनिकेशन दो डिवाइसेस के बीच किसी प्रकार के ट्रांसमिशन माध्यम जैसे वायर केबल के माध्यम से डेटा का आदान-प्रदान होता है। डेटा कम्‍युनिकेशन होने के लिए, कम्‍युनिकेशन डिवाइसेस को हार्डवेयर (फिजिकल डिवाइसेस) और सॉफ़्टवेयर (प्रोग्राम) के संयोजन से बनी कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम का हिस्सा होना चाहिए।

डेटा कम्‍युनिकेशन का उद्देश्य क्या है?

डेटा कम्‍युनिकेशन और नेटवर्किंग का मुख्य उद्देश्य दुनिया में किन्हीं दो पॉइंट के बीच डेटा के निर्बाध आदान-प्रदान को सक्षम बनाना है। डेटा का यह आदान-प्रदान एक कंप्यूटर नेटवर्क पर होता है। डेटा उन कच्चे तथ्यों को संदर्भित करता है जिन्हें एकत्र किया जाता है जबकि इनफॉर्मेशन प्रोसेस की हुई डेटा को संदर्भित करती है जो हमें निर्णय लेने में सक्षम बनाती है।

डेटा कम्‍युनिकेशन क्या है संक्षिप्त उत्तर?

डेटा कम्‍युनिकेशन एक स्रोत और एक रिसीवर के बीच एक वायर केबल जैसे ट्रांसमिशन मीडिया के रूप में डेटा के आदान-प्रदान को संदर्भित करता है।

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