What is Cloud Computing? क्लाउड कम्प्यूटिंग कैसे काम करता है?

6461

Cloud Computing Hindi.

Cloud Computing Hindiक्लाउड कंप्यूटिंग एक तरह से इंटरनेट आधारित कंप्यूटिंग हैं, जिसमें कंप्यूटर और अन्य डिवाइसेस के लिए डिमांड पर डेटा और रिसोर्सेस शेयर किए जाते हैं|

सरल शब्दों में, क्लाउड कंप्यूटिंग का उपयोग करना याने आपकी फ़ाइलों को ऐसी जगह स्‍टोर करना जो आपकी लोकल होर्ड ड्राइव नहीं हैं|

क्लाउड कंप्यूटिंग में, क्लाउड शब्द को इंटरनेट के लिए बदल के रूप में इस्‍तेमाल किया गया हैं, जिसमें रिमोट सर्वर का एक बड़े ग्रुप का एक नेटवर्क होता हैं जो इंटरनेट के माध्‍यम से ऑर्गेनाइजेशन कंप्‍यूटर और डिवाइसेस पर सर्वर, स्‍टोरेज और ऐप्‍लीकेशन की सर्वीस को डिलीवर करता हैं|

यहाँ इनफॉर्मेशन को फिजिकल सर्वर पर स्‍टोर किया जाता हैं जिन्‍हे क्लाउड कंप्यूटिंग प्रोवाइडर द्वारा मेन्टेन और कंट्रोल किया जाता हैं| क्लाउड स्‍टोरेज में आपको आपके खुद के हार्ड ड्राइव पर इनफॉर्मेशन स्टोर करने की जरूरत नही होती।

इसके बजाय, यह क्‍लाउड स्‍टोरेज पर स्‍टोर होती हैं, और आप इसे किसी भी लोकेशन से एक्‍सेस कर सकते हैं और लैपटॉप, टैबलेट, या स्‍मार्टफोन जैसे अपनी पसंद के किसी भी डिवाइस पर डाउनलोड कर सकते हैं|

इसके के अतिरिक्त, ऑफिस से दूर काम को आसन करने के लिए, वर्ड डॉक्युमेंट्स या पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन की फाइलों को अन्‍य युजर के साथ एडिट कर सकते हैं|

हाई कंप्यूटिंग पावर, लो कॉस्‍ट सर्वीस, हाई परफॉरमेंस, स्केलेबल, एक्सेसिबिलिटी साथ मे अवेलेबिलिटी एडवांटेज की वजह से क्लाउड कंप्यूटिंग अब अत्यधिक मांग की सर्वीस बन गया हैं|

हाल के रिसर्च के अनुसार, क्लाउड कंप्यूटिंग पर लगभग 1024 petabytes डेटा हैं या फिर कुछ लोगों का कहना हैं यह  1,0730,741,824 जीबी डेटा या जैसा हम कह सकते हैं कि सच में बहुत बड़ा डेटा हैं|

 

How Cloud Computing Works in Hindi?

कैसे क्लाउड कम्प्यूटिंग काम करता है?

फिजिकल सर्वर पर इनफॉर्मेशन और सॉफ्टवेयर स्‍टोर के द्वारा क्लाउड कम्प्यूटिंग काम करता है| यह सर्वर प्रोवाइडर द्वारा कंट्रोल किए जाते हैं|

क्लाउड कंप्यूटिंग कैसे काम करता है यह समझने के लिए, कल्‍पना करे कि क्लाउड मे दो लेयर हैं – बैक एन्ड लेयर और फ्रंट एन्ड लेयर| फ्रंट एन्ड लेयर वह होता हैं जिसे आप देख सकते हैं और उसके साथ इंटरैक्ट करते हैं|

जब आप वेबमेल जैसे जीमेल एक्‍सेस करते हैं, तो वह क्लाउड के फ्रंट एन्ड लेयर पर रन हो रहे सॉफ्टवेयर की वजह से संभव होता हैं| यह आपके फेसबूक अकाउंट के लिए भी लागू हैं| बैक एन्ड मे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का आर्किटेक्चर होता हैं फ्रंट एन्ड को देखने के लिए मदद करते हैं|

Cloud Computing Hindi.

 

Cloud Services:

क्‍लाउड सीर्वसेस को आम तौर पर तीन प्रकार में विभाजित किया गया हैं:

1) Infrastructure-as-a-service (IaaS):

यह सर्वीस ऑन डिमांड आईटी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर का एक्‍सेस देती हैं| इसमे स्‍टोरेज, नेटवर्क और कंप्‍यूटर शामिल है जो आपके वर्कलोड को रन करते है| एक बिज़नेसमन यूजर के रूप मे आप आईटी सर्वीसेस के लिए अनुरोध कर सकते हैं, और केवल वहीं सर्वीस का भुगतान करें जिन्‍हे आप यूज कर रहे हैं|

 

2) Platform-as-a-service (PaaS):

Platform-as-a-service (PaaS) यह एक क्‍लाउड बेस एनवायरमेंट है, जिसे आप आपके एप्‍लीकेशन को डेवलप, टेस्‍ट, रन और मैनेज करने के लिए इस्‍तेमाल करते हैं| इस सर्वीस में वेब सर्वर, देव टूल, एक्सिक्यूशन रनटाइम और ऑनलाइन डेटाबेस शामिल हैं| इसका दृष्टिकोण बुनियादी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को खरीदने, निर्माण करने या उसे मैनेज करने में होनी वाली जटीलता के बिना, आपकी जरूरत के अनुसार डेवलपमेंट एनवायरमेंट देना हैं| फलस्वरूप, आप फास्‍ट काम कर सकते हैं और एप्‍लीकेशन को जल्‍दी रिलीज कर सकते हैं|

उदाहरण के लिए, आपने अपनी खुद की ई-कॉमर्स वेबसाइट डेवलप की हैं, लेकिन शॉपींग कार्ट, चेकआउट और पेमेंट मेकेनिज़म यह सभी मर्चन्ट के सर्वर पर रन हो रहे हैं|

 

3) Software-as-a-service (SaaS):

SaaS छोटे व्यवसायों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाला सबसे आम रूप है, और इसमे रिमोट सर्वर पर होस्ट सॉफ्टवेयर का उपयोग शामिल है। यह आपके वेब ब्राउज़र के माध्यम से एप्‍लीकेशन रन करता हैं और आपके बिज़नेस के बाहर स्‍टोर फाइलों को सेव, रिट्रीव या शेयर करता हैं|

वेब आधारित ईमेल, ऑफिस सॉफ्टवेयर, ऑनलाइन गेम्स, कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट सिस्‍टम और कम्युनिकेशन टूल यह सभी SaaS के उदाहरण हैं|

 

Charges For Cloud Computing:

आपकी आवश्यकताओं के अनूसार, क्‍लाउड सर्वीस की कीमत अलग अलग हैं| पर्सनल यूज के लिए 5-10GB स्‍पेस फ्री में मिलती हैं| अगर आपको अतिरिक्‍त स्‍टोरेज की जरूरत हैं, तो आपको इसके लिए पे करना होगा|

Cloud Computing Hindi.

 

Advantages Of Cloud Computing in Hindi:

1) Worldwide Access:

क्‍लाउड सर्वीस जैसे गूगल ड्राइव पर फ़ाइलों को स्‍टोर करके आप हमेशा इन फ़ाइलो को एक्‍सेस कर सकते हैं (इसके लिए इंटरनेट की आवश्यक हैं) और इस बात से काई फर्क नहीं पड़ता कि तुम कहाँ हो|

आप दुनिया भर कही भी रहे, इसका उपयोग कर सकते हैं। क्लाउड कम्प्यूटिंग, गतिशीलता बढ़ता है, क्‍योकि अब आप दुनिया के किसी भी हिस्से में किसी भी डिवाइस से अपने डॉक्युमेंट्स को एक्‍सेस कर सकते हैं।

बिज़नेस के लिए यह तो और भी फायदेमंद हैं, एम्प्लॉई बिना डॉक्युमेंट्स को अपने साथ ले जाए, अपने घर पर या बिज़नेस ट्रिप पर भी अपना काम कर सकते हैं| यह प्रोडक्टिविटी बढ़ता है और इनफॉर्मेशन को तेजी से आदान-प्रदान करता हैं|

 

2) More Storage:

अतीत में, मेमोरी किसी विशेष डिवाइस पर हमेशा सीमित रहती थी। क्लाउड कंप्यूटिंग से स्‍टोरेज मे वृद्धि हुई हैं, लिहाजा आपको अब हार्ड ड्राइव पर स्‍टोरज ख़तम हो जाने की चिंता करने की ज़रूरत नहीं होगी।

 

3) Easy Set-Up:

आप एक मिनट के क्लाउड कंप्यूटिंग सर्वीस सेट कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी व्यक्तिगत सेटिंग्स का समायोजन, पासवर्ड सिलेक्‍ट करना या नेटवर्क पर कौनसा डिवाइस कनेक्‍ट करना हैं यह सिलेक्‍ट करना बहुत आसान हैं|

 

4) Reduced Cost:

क्लाउड कंप्यूटिंग अक्सर सस्ती होती है। सॉफ्टवेयर पहले से ही ऑनलाइन इनस्‍टॉल किया गया है, तो आपको इसे अपने अपने पीसी पर फिर से इनस्‍टॉल करने की जरूरत नहीं होगी। कई क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे की ड्रॉपबॉक्स, गूगल ड्राइव तो फ्री में 10 से 15GB तक स्‍पेस स्‍टोर करने के लिए देते हैं|

अगर आप क्लाउड सर्वीस के लिए भुगतान करते हैं तो वह मासिक या वार्षिक आधार पर होता हैं| इसमे, आप केवल उन सेवाओं के लिए भुगतान करते हैं, जिनकी आपको जरूरत है।

 

Disadvantages Of Cloud Computing in Hindi:

1) Security:

जब एक क्लाउड कंप्यूटिंग सर्वीस का उपयोग करते समय, आप अनिवार्य रूप से अपने डेटा को थर्ड पार्टी को सौंप रहे हैं। तथ्य यह है कि, इन सर्वर को दुनिया में कई यूजर्स एक साथ एक्‍सेस कर रहे है, तो सुरक्षा का मुददा तो आता ही हैं|

कंपनी के पास तो गोपनीय जानकारी होती हैं, और वे हमेशा विशेष रूप से चिंतित हो सकते है, क्‍योंकि इनका डेटा को संभवतः वायरस और अन्य मैलवेयर द्वारा नुकसान पहुंचाया जा सकता है। हालांकि कुछ सर्वर स्पैम फ़िल्टर, ईमेल एन्क्रिप्शन, और सुरक्षित HTTPS का उपयोग कर रहे हैं|

 

2) Privacy:

क्लाउड कंप्यूटिंग इस जोखिम के साथ आता है कि अनाधिकृत यूजर आपकी जानकारी को एक्‍सेस कर सकता है। यह होने से रोकने के लिए, क्लाउड कंप्यूटिंग सर्वीस पासवर्ड सुरक्षा प्रदान करते हैं और डेटा एन्क्रिप्शन टेक्‍नोलॉजी के साथ सुरक्षित सर्वर पर कार्य करते हैं।

 

3) Loss of Control:

क्लाउड कंप्यूटिंग सर्वीस यूजर को कंट्रोल करती हैं। यह न केवल आप इस सेवा का उपयोग करने के लिए कितना भुगतान करगे यह तय करते हैं, लेकिन इसके साथ इसमे आप कौनसी इनफॉर्मेशन स्‍टोर कर सकते हैं और कहां से आप इसे एक्‍सेस कर सकते हैं यह भी तय करते हैं|

 

4) Internet:

जबकि इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी यह हर जगह उपलब्ध नही है। अगर आप ऐसे लोकेशन में है, जहाँ इंटरनेट का एक्‍सेस नहीं है, तो आप क्‍लाउड सर्वीस को उपयोग नही कर सकते| Cloud Computing Hindi.

 

Cloud Computing Hindi.

क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है?

What Is Cloud Computing Information – in Hindi, Cloud Computing Kya Hai, Cloud Computing Kaise Kam karta hai, Cloud Computing Ke charges kitne hai. Cloud Computing ki jankari Hindi me. Cloud Computing in Hindi.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.