विंडोज के सिक्रेट टूल्स जो आपके पीसी के परफॉर्मेंस को बढ़ाएंगे

Windows Secret Tools Information Hindi

Windows Secret Tools Information Hindiकई बार हमने यह कहते हुए सुना है की हम हमारे दिमाग का सिर्फ १० प्रतिशत ही यूज कर पाते है। यह बात सच है या नहीं यह तो मालूम नही लेकिन यह विंडोज पीसी के बारें में सच ही लगता है। ज्‍यादातर यूजर्स एक्स्प्लोरर, नोटपैड, पेंट, टास्‍क मैनेजर और कंट्रोल पैनल जैसे सिर्फ कुछ गिनेचुने विंडोज प्रोग्राम्‍स को ही आमतौर पर यूज करते है और अन्‍य को नज़रअंदाज़ कर देते है।

यह शायद इसलिए होता है, क्‍योकी यह हमारी आदत हो सकती है या हम थर्ड पार्टी टूल्‍स का इस्‍तेमाल करते है। लेकिन हमारे पीसी में कई उपयोगी बिल्‍ट-इन टूल्‍स है जिनको आजतक अनदेखा किया गया है। इसका कारण यह है की यह टूल्‍स विंडोज में आसानी से नज़र नही आते। इन्‍हे स्‍टार्ट मेनू से कमांड टाइप कर या फिर कमांड प्रॉम्‍प्‍ट से ही एक्‍सेस किया जा सकता है।

इन टूल्‍स में से अधिकांश को आसानी से स्‍टार्ट किया जा सकता है, अगर आपको उनके नाम पता है – बस, अपना स्‍टार्ट मेनू ओपन करें और उस टूल का नाम टाइप करें और Enter करें। इतना ही नहीं, इनमें से कई टूल्‍स तो इस्‍तेमाल करने के लिए आसान होते है, लेकिन वे आपको मुश्किल लगते है, क्‍योंकि वे Control Panel या Command Prompt में छिपे होते है।

विंडोज की यह ग्रेट स्ट्रेंथ है की आप इसमें सच में लोखों प्रोग्राम्‍स इंस्‍टॉल कर सकते है और इसमें आप आश्चर्यजनक टास्‍क कर सकते है। लेकिन माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपने इस विंडोज प्लेटफार्म को एक्सपैंड किया है, और इसमें अपने स्वयं के नए टूल्‍स एड किए है।

यहाँ कुछ टूल्‍स और टास्‍क है, जिनके बारें में शायद आप अभी तक जानते नहीं होंगे, जो आपके कंप्यूटर पर पहले से ही मौजूद है।

 

1) Resource Monitor:

विंडोज डायग्नोस्टिक में पीसी की मेमोरी कौन ज्‍यादा इस्‍तेमाल कर रहा है, यह देखने के हम ज्‍यादातर थर्ड पार्टी टूल्‍स का इस्‍तेमाल करते है। इनसें हमे यह पता चलता है, की कोनसी बैकग्राउंड प्रोसेस पीसी को स्‍लो कर रही है और वह पीसी को क्रैश कर सकती है या नहीं। वे आपको इसकी जानकारी आसान और तुरंत समझने में आसान शब्‍दों में देते है।

इसी तरह का विंडोज का बिल्‍ट-इन Resource Monitor टूल है, जिसमें यूजर इतनी आसानी से तो नहीं समझ पाते। लेकिन अन्‍य टूल्‍स की तरह इसे आपको इंटरनेट से डाउनलोड नहीं करना पड़ता।

Resource Monitor को ओपन करने के लिए Start में जाएं और resmon टाइप करें। या फिर आप इसे Ctrl + Alt + Del किज प्रेस कर Task Manager ओपन करें –> Performance tab –> Resource Monitor से भी एक्‍सेस कर सकते है।

1-Windows Resource Monitor -Overview- Windows Secret Tools

Windows Resource Monitor डिफ़ॉल्ट रूप से, Overview टैब पर ओपन होता है। यह जनरल, लेकिन आपके कंप्‍यूटर के बारे में उपयोगी इनफॉर्मेशन दिखाता है।

Windows Resource Monitor के साथ परिचित होने का शायद सबसे अच्‍छा तरीका है की इसके राइड साइड के ग्राफ। यह ग्राफ्स आपके पीसी के प्रोसेसर, हार्ड डिस्क, नेटवर्क और मेमोरी के लिए है। यह हर एक ग्राफ आपको बताएगा की इनमें से हर एक का इस्तेमाल किस तरह से किया जा रहा है। यह ग्राफ लगातार चलाते हैं और हर एक मिनट की एक्टिविटी को डिस्‍प्‍ले करते है।

जब कंप्‍यूटर आइडल होता है, तब प्रत्येक ग्राफ फ़्लैट होना चाहिए। यूजेस होने पर सूक्ष्म स्पाइक दिखाई देती है, आम तौर पर यह बैकग्राउंड प्रोसेस से हो सकता है। लेकिन यह स्पाइक कम होने चाहिए और उन्‍हे काफी सिस्‍टम रिसोर्सेस को कंज्यूम नहीं करना चाहिए।

अन्य यूसेज सिनेरियो में अलग पैटर्न का रिजल्‍ट हो सकता है।  उदाहरण के लिए, जब आप किसी फाइल को डाउनलोड कर रहे है, तब इन ग्राफ्स में डिस्‍क एक्टिविटी और नेटवर्क यूसेज का ज्‍यादा इस्‍तेमाल दिखना नॉर्मल है। इसके साथ ही हाई डिस्‍क एक्टिविटी दिखना भी नॉर्मल है, जब‍ आप पीसी को एंटीवायरस से स्‍कैन कर रहे होते है।

अचानक, अस्पष्टीकृत स्पाइक सामान्य नहीं हैं। यह कई कारणों से हो सकता है, जैसे की अनचाहे बोल्‍टवेयर प्रोग्राम जो किसी प्रोग्राम के साथ इंस्‍टॉल हो जाते है, या अक्षम एंटीवायरस प्रोग्राम, या ऐसा प्रोग्राम जिसे सही ढंग से क्‍लोज नहीं किया गया हो या यह मैलवेयर भी हो सकता है।

प्रत्येक टैब में आपको एम्‍टी टिक बॉक्‍स के साथ प्रोसेसेस की एक लिस्‍ट दिखेगी। इस बॉक्‍स को टिक करने पर इसकी प्रोसेस दाएँ हाथ के ग्राफ में रियल टाइम में एड हो जाएगी। इनमें से हर एक पीसी के अलग अलग एरिया का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे की फिजिकल मेमोरी या लोकल एरिया नेटवर्क।

 

ग्राफ पर देखने के लिए आप एक साथ कई प्रोसेस को सिलेक्‍ट कर सकते है। इन चेक बॉक्‍स को क्लियर करने पर वह प्रोसेसे ग्राफ से निकल जाएगी।

अगर आपको किसी प्रोसेस के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो उसपर राइट करें, फिर Search Online पर क्लिक करें।

Resource Monitor का उपयोग विशिष्ट प्रॉब्‍लम के बारे में गहन शोध करने के लिए किया जा सकता है, जैसे अनरिस्पान्सिव प्रोसेस को ट्रैक करने के‍ लिए, हेवी रिसोर्सेस को कंज्यूम करने वाली प्रोसेस को ऐनलाइज़ करने या मेमोरी के उपयोग की जांच करने के लिए।

 

2) Performance Monitor:

विंडोज का Performance Monitor एक Microsoft Management Console (MMC) स्‍नैप-इन है, जो सिस्‍टम परफॉर्मेंस को ऐनलाइज़ करने के लिए टूल्‍स प्रदान करता है। एक ही कंसोल से, आप एप्लिकेशन और हाईवेयर परफॉर्मेंस को रियल टाइम में मॉनिटर कर सकते है, आप जिस डेटा को कलेक्‍ट करना चाहते है उस लॉग के लिए इसे कस्टमाइज़ कर सकते है, अलर्ट और ऑटोमेटिक एक्‍शन की सीमा रेखा तय कर सकते है, रिपोर्ट जनरेट कर सकते है और पिछले परफॉरमेंस को अनेक प्रकार से देख सकते है।

Windows Performance Monitor को लॉन्च करने के लिए-

Start पर क्लिक करें, सर्च बॉक्स में perfmon टाइप कर Enter प्रेस करें।

नेविगेशन ट्री में, Monitoring Tools को एक्सपैंड करें और उसके बाद Performance Monitor पर क्लिक करें।

2-Performance Monitor- Windows Secret Tools

Performance Monitor विंडोज का परफॉर्मेंस काउंटर विजुअल डिस्प्ले करता है, यह या तो रियल टाइम होता है या हिस्‍ट्री के डेटा का रिव्‍यू होता है। आप इसमें ड्रैग कर परफॉर्मेंस काउंटर एड कर सकते है, या फिर Data Collector Sets से कस्‍टम डेटा के सेट बना सकते है। इसमें एक साथ मल्‍टीपल ग्राफ व्‍यू भी किया जा सकता है, जिसमें आप डेटा लॉग का रिव्‍यू ले सकते है। भविष्‍य के उपयोग के लिए इन Data Collector Sets को एक्‍सपोर्ट भी किया जा सकता है।

 

How To Analyze System Performance With Performance Monitor:

यदि आपको ऐप्‍स या प्रोग्राम्‍स के किसी निश्चित सेट का उपयोग करते समय, आपके कंप्‍यूटर का परफॉर्मेंस देखना है, तो उन्‍हे ओपन या रन करें, और अब सिस्‍टम रिसोर्सेस पर उनके प्रभाव को आप ग्राफ में देख सकते है।

डिफ़ॉल्ट रूप से, ग्राफ में आपको Processor time दिखता है, जिसमें एक्टिव प्रोग्राम्‍स को रन करने में प्रोसेसर कितना बिजी है यह डिस्‍प्‍ले होता है। इससे आपता इस बात की बुनियादी जानकारी मिलती है की आपके प्रोसेसर को काम करने में कितनी मुश्किल आ रही है।

Performance Counter को एड करने के लिए ग्रीन एड बटन पर क्लिक करें।

3-Performance Monitor- Windows Secret Tools

फिर आप जो चाहे वह Performance Counters एड करने के लिए सिलेक्‍ट करें और एड बटन पर क्लिक करें। यहाँ एड करने के लिए अक्षरशः हजारों काउंटर्स है।

एब बार जब सभी काउंटर्स एड हो जाते है, तब आप सभी डेटा को रियल टाइम में देख सकते है।

 

3) Windows Reliability Monitor:

अपने विंडोज पीसी प्रॉब्‍लम को फिक्स करने के लिए थर्ड पार्टी टूल्‍स को डाउनलोड करने के बजाय, बिल्‍ट-इन विंडोज प्रोग्राम का यूज करना सबसे अच्‍छा है। विंडोज का Reliability Monitor यह एक ऐसा टूल है, जो सिस्‍टम एरर, वॉर्निंग, इनफॉर्मेशनल इवेंट और अन्‍य क्रिटीकल इवेंट को चेक करने और फिक्‍स करने के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है।

Reliability Monitor में आप सिस्‍टम स्टेबिलिटी ओवरव्यू देख सकते है और अलग अलग इवेंटस् को एनालिसिस कर सकते है, जो आपके ओवरॉल सिस्‍टम स्टेबिलिटी पर असर कर रहे है। इसमें आप सॉफ्टवेयर इंस्‍टॉलेशन, ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेटस् और हार्डवेयर विफलताओं के बारें में जानकारी प्राप्‍त कर सकते है। यह सिस्‍टम इंस्‍टॉलेशन के समय से डेटा कलेक्‍ट करना शुरू कर देता है।

Reliability Monitor को ओपन करने के लिए, Start में reliability टाइप करें।

4- Reliability Monitor- Windows Secret Tools

यहाँ आप आपके सिस्‍टम की क्रैश हिस्‍ट्री का विसुअल लॉग देख सकते है, जो हाल के दिनों और हफ्तों में पीसी की स्टेबिलिटी का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक ब्लू लाइन में डिस्‍प्‍ले करता है।

ग्राफ पर छोटे रेड क्रॉस क्रैश को रिप्रेजेंट करते है, जो ब्लू लाइन में तेज गिरावट के साथ होते है। यह गिरावट जितनी ज्‍यादा होगी, क्रैश भी उतना सीरियस होगा।

एक बार जब आप टाइम पिरियड सिलेक्‍ट करते है, तब आप स्‍क्रीन के निचले भाग में इवेंटस् को देख सकते है। आप “Check for a solution” पर क्लिक कर विंडोज में इसके समाधान के लिए जाँच कर सकते है। इसके साथ ही हर एक अपडेटस् के डिटेल्‍स को भी देख सकते है, जिससे किसी अपडेट के द्वारा पीसी को हुए प्रॉब्‍लम्‍स का पता चल सकता है।

बेशक, विंडोज के नीचे स्थित “Check for solutions to all problems” लिंक पर क्लिक करना सबसे आसान है। और अब हम आशा कर सकते है इन प्रॉब्‍लम्‍स का सॉल्युशन माइक्रोसॉफ्ट के पास पहले से ही हो।

तो अगली बार जब कोई आपको बताता है कि उनका कंप्यूटर हाल ही में क्रैश हो गया है, तो आप Reliability Monitor ओपन कर यह पता लगा सकते है इसकी वजह क्‍या है।

 

Windows Secret Tools Information Hindi.

Windows has many built-in tools, but we are not aware about them. These Windows Secret Tools Information Hindi guide will help you to find such tools and help you to improve performance of Windows.

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